सर्पगन्धा ( Serpentine ) वानस्पतिक नाम - रोल्फिया सरपेण्टाइना कुल - ऐपोसाइनेसी
इस पौधे की जड़ें सर्प के समान होती है। अतः इसका साधारण नाम सर्पगन्धा है। सर्पगन्धा औषधि का प्रयोग भारत में मस्तिष्क के विकारों के उपचार के लिए किया जा रहा है।  सोलहवीं शताब्दी में जर्मनी के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. लियोनार्ड रोवोल्फ के नाम पर ही इस पौधे का नाम रोल्फिया रखा गया है। यह भारत में भी उगाया जा रहा है। यह औषधीय पौधा पाकिस्तान, बर्मा, जावा तथा नेपाल एवं श्रीलंका में भी पाया जाता है।

सर्पगन्धा (Serpentine) औषधि का प्रयोग



 रोल्फिया सरपेण्टाइना का पौधा लगभग 1/2 मीटर ऊंचा झाड़ीनुमा होता है। इसकी जड़ें पूर्ण विकसित होती हैं, जिनका आकार सर्प के समान होता है, जो 10-10 इंच लम्बे होते हैं। तना पीले रंग के होते हैं, जिससे लेटेक्स निकलता है। पत्तियां भालाकार, चकनी होती है, जो चक्रों में विन्यस्त होती है। पुष्पक्रम साइमोज प्रकार का होता है,जिस पर सफेद अथवा गुलाबी रंग के गेमोपेटलस पुष्प लगे होते हैं। पौधें में पुष्पन अप्रैल से नवम्बर तक होता है।

सर्पगन्धा (Serpentine) औषधि का स्त्रोत

पौधे की सुखी हुई जड़ें तथा जड़ की छाल बहुत महत्वपूर्ण होती है। जिससे औषधि प्राप्त की जाती है। दो से तीन वर्ष पुराने पौधे की जड़ों को जमीन से निकाल कर पृथक कर लिया जाता है। और फिर सुखाकर संग्रहित कर लिया जाता है और औषधि प्राप्त की जाती है। आयुर्वेदिक औषधि के रूप में सुखी जड़ों को पाउडर बनाकर उपयोग में लिया जाता है। एलोपैथी में इनके जड़ों से रेसरपीन नामक एलकेलॉइड निकाली जाती है, जिसका उपयोग अनेक प्रकार से औषधि के रूप में किया जाता है।

सर्पगन्धा (Serpentine) औषधीय महत्व -

1. यह औषधि ब्लड प्रेशर को कम करती है। अतः मानसिक तनाव एवं ब्लड प्रेशर वाले रोगियों का इलाज इसके द्वारा किया जाता है।
2. इस औषधि का उपयोग पागलपन तथा नींद न आने के उपचार के लिए किया जाता है।
3. पत्तियों का सत्व आँखों के रोग को दूर करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
4. इनकी जड़ों से निकले सत्व का प्रयोग आंत में पाये जाने वाले कृमि को नष्ट करने के लिए औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है।

इनके पौधों से निम्न दवाइयाँ प्राप्त की जाती हैं-
1. रोल्फिया सरपेण्टाइना से गोलियां ग्लूकोनेट लि. कलकत्ता में बनाई जाती है।
2. इस पौधे से रेल्फिन नामक गोलियां तथा टॉनिक- बंगाल केमीकल एण्ड फार्मेस्युटीकल वर्क्स, कलकत्ता द्वारा बनाई जाती है।
3. सरपिना या S 117 नामक दवा हिमालिया ड्रग कम्पनी देहरादून द्वारा तैयार की जाती है।
4. रोडिक्सिन नामक गोलियां - साराभाई कैसीबामिकल्स, अहमदाबाद द्वारा तैयार की जाती है।
5. एड़ेल्फेन नामक दवा सीबा, इंडिया लि. बम्बई द्वारा तैयार किया जाता है।
6. सरपेसिल नामक दवा , फारमा लि. बासले , स्वीट्जरलैंण्ड द्वारा तैयार की जाती है।

आप सभी अन्य जानकारियों के लिए मेरे ब्लॉग को सब्सक्राइब करें।