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पिस्टन होता क्या है - How to move piston in engine

इंजन क्या है? आप जानते ही होंगे अगर इंजन के बारे में और जानना है तो मेरे ब्लॉग का ये पोस्ट देखे दोस्तों आज कल हर क्षेत्र में गाड़ियों तथा अन्य प्रकार के मशीनों का तेंजि से विकास हुआ है मित्रों आज मैं आपको उस पार्ट के बारे में बताने  जा रहा हूँ जो इंजन का मुख्य भाग कहा जा सकता है। तो चलिए शुरू करते हैं।

पिस्टन होता क्या है 

पिस्टन इंजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। जो इंजन के अंदर लगा होता है। यह जिस प्रकार से कांच का बिकर होता है उसी प्रकार का होता है, लेकिन इसका डिजाइन इंजन के हिसाब से इसमें कट किया जाता है। यह वह पार्ट है जो इंजन के स्टार्ट होते ही गति करना प्रारम्भ कर देता है।

यह पिस्टन सिलेंडर ब्लॉक के अंदर हि गति करता है। इसकी बनावट की बात करें तो इसके ऊपरी भाग में दो या तीन लाइन बने होते हैं जिसमें पिस्टन रिंग लगाये जाते हैं। पिस्टन रिंग दो प्रकार के होते हैं 1. कम्प्रेशर रिंग 2. ऑइल रिंग इन खांचों में ही इसे फिट किया जाता है।

अब ऊपर के खांचे में कम्प्रेशर रिंग तथा नीचे के खांचे में ऑइल रिंग लगा होता है। जिसे इसके लुब्रिकेशन को कण्ट्रोल किया जाता है।

पिस्टन के आधे भाग से नीचे जिसे स्कर्ट कहा जाता है। इसमें एक छिद्र होता है जिसे पिस्टन बॉस कहा जाता है इस बॉस पर गजन पिन फंसा कर उसकी सहायता से पिस्टन  पर स्माल एंड की सहायता से कनेक्टिंग रॉड को  जोड़ा जाता है जो की पिस्टन को गति प्रदान करता है।

पिस्टन का ब्यास सिलेंडर के ब्यास से कुछ कम होता है। क्योंकि कोई भी धातु गर्मी पाकर अपने आयतन को बढ़ा लेती है। इस प्रकार पिस्टन भी गर्मी से फैल जाता है। जिसके कारण थोड़ा गेप रखना जरूरी है।

पिस्टन की विशेषता

  1. पिस्टन जो है मुलायम होता है।
  2. पिस्टन को चिकना किया जा सकता है।
  3. इसमें लचीलेपन के साथ टूटने का भय नहीं होता है।
  4. पिस्टन गर्मी पाकर अधिक आयतन में नहीं फैलता है।
  5. इसके चलने पर आवाज नहीं होता है।
  6. पिस्टन का भार हल्का होता है।
  7. इसका इस्कर्ट ऐसा होता की इसमें घिसावट बहुत ही कम होता है।
  8. इसमें जंग नहीं लगता है अर्थात ये जंग रोधी होता है।
  9. ऊष्मा का अच्छा शुचालक होता है।
  10. यह अधिक मंहगा नहीं होता है। जिससे की ज्यादा खर्चा ना हो।
  11. पिस्टन को इस प्रकार होना चाहिए की ये झटके को सहन कर सके।

तो ये तो थे पिस्टन में पाये जाने वाले गुण के बारे में कुछ जानकारियां। तो चलिए अब हमने पिस्टन के बारे में तो थोड़ा बहुत जान ही लिया अब चलते हैं इसके कार्य विधि की ओर ये कैसे गति करता है।

दोस्तों हर इंजन की अपनी अलग पहचान होती है जिसके कारण इसके पिस्टन की बनावट में भी भिन्नता होती है। इसकी गती की बाते करे तो ये इंजन के बनावट और उसके फायरिंग ऑर्डर पर निर्भर करता है।

जैसे ही इंजन के अंदर लगे सिलैण्डर ब्लॉक में आग लगती है पिस्टन पर दबाव बढ़ने लगता है और पिस्टन नीचे की ओर जाता है फिर पिस्टन पर ऊपर की ओर गति होती है जिसके कारण पिस्टन सिलेंडर ब्लॉक के अंदर स्थित हवा को दबाता है और दबे हुए हवा में तेल का छड़काव होता है। उसके बाद फायरिंग होता है और फिर यह क्रिया चलती रहती है इस प्रकार पिस्टन ऊपर नीचे गति करता रहता है।

   तो दोस्तों ये तो थी पिस्टन के बनावट और उसकी गति के बारे में थोड़ी सी जानकारी।
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