Ads 720 x 90

हिमालय का निर्माण कैसे हुआ - Himalaya parvat

हिमालय पर्वतमाला, himalay parwat ki uchai, himalaya parvat ka nirman, himalaya parvat ka mahatva
Himalaya parvat

हिमालय पर्वतमाला भारतीय उपमहाद्वीप को मध्य एशिया और तिब्बत से अलग करता है। हिमालय पर्वत पाकिस्तान,अफगानिस्तान , भारत, नेपाल, भूटान, चीन और म्यांमार आदि 7 देशों की सीमाओं में फैला हुआ हैं।

सदियों से हिमालय की गुफाओं में ऋषि-मुनियों का वास रहा है और वे साधु इन हिमायल की गोदी में तपस्या करते थे। हिन्दू धर्म के अनुसार हिमालय के कैलाश पर्वत पर भगवान शिव विराजमान है।

हिमालय पर्वत से कई जीवन दायनी नदी निकलती है जो भारत में जल की पूर्ती का मुख्य साधन है इसके अलावा भारत में हिमालय से निकने वाली नदियों को माता की तरह पूजा जाता है। जिसमे मुख्य गंगा नदी ,यमुना नदी और ब्रह्मपुत्र नदी है।

हिमालय पर्वत का निर्माण

यह सवाल आता है की इतना बड़ा पर्वत सृंखला आखिर बना कैसे होगा। वैज्ञानिको ने कुछ तथ्य सामने रखा है पृथ्वी के अंदर प्लेटों की टक्कर होने से दुनिया की सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला हिमालय निर्माण हुआ। इतना ही नहीं इस टक्कर की वजह से संसार भर के 7000 मीटर से अधिक ऊँचे पर्वतों की श्रृंखला का निर्माण हुआ है। 

225 मिलियन वर्ष पहले भारत एक बड़ा द्वीप था जो ऑस्ट्रेलियाई तट से दूर था ये धीरे धीरे खिसकने लगा और एशिया की और बढ़ने लगा। और तिब्बत क्षेत्र से टकराने के कारण विशाल हिमालय शृंखला का निर्माण हुआ। 

हिमालय पर्वत की ऊंचाई

हिमालय पर्वत की ऊंचाई 8,848 मी है। संसार की अधिकांश ऊँची पर्वत चोटियाँ हिमालय में ही स्थित हैं। विश्व के 100 ऊंचे शिखरों में हिमालय की अनेक चोटियाँ आती हैं। विश्व का सबसे ऊंचा शिखर माउंट एवरेस्ट हिमालय का ही एक शिखर है। 

हिमालय में 100 से ज्यादा पर्वत शिखर हैं जो 7200 मीटर से ऊँचे हैं। हिमालय के कुछ प्रमुख शिखरों में सबसे महत्वपूर्ण सागरमाथा हिमाल, अन्नपूर्णा, शिवशंकर, रॊलवालिंग, जुगल, गौरीशंकर, कुंभू, गणेय, लांगतंग, मानसलू, धौलागिरी और कंचनजंघा आदि है।

हिमालय की सबसे ऊंची चोटियाँ मकालू, कंचनजंघा, एवरेस्ट, अन्नपूर्ण और नामचा बरवा इत्यादि है। यह भारत के अलावा नेपाल चीन  भूटान आदि देशो में फैला हुआ है। एवरेस्ट शिखर विश्व की सबसे ऊंची चोटी है जो नेपाल में है। 

हिमालय पर्वतमाला, himalay parwat ki uchai, himalaya parvat ka nirman, himalaya parvat ka mahatva
हिमालय पर्वत की ऊंचाई

हिमालय से निकलने वाली नदियाँ

हिमालय पर्वत में 15 हजार से ज्यादा हिमनद हैं जो 12 हजार वर्ग किलॊमीटर में फैले हुए हैं। 72 किलोमीटर लंबा सियाचिन हिमनद विश्व का दूसरा सबसे लंबा हिमनद है। हिमालय से निकलने वाली नदियाँ सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र और यांगतेज है तथा सहयक नदी नर्मदा, कावेरी और महानदी है।

हिमालय का महत्व 

हिमालय की विशाल पर्वतमाला साइबेरियाई शीतल जलवायु को रोक कर भारतीय उपमहाद्वीप को जाड़ों में आधिक ठण्ढा होने से बचाती हैं। और वर्षा में मानसून की हवाओ को रोकर वर्षा कराती है। 

हिमालय का सबसे बड़ा महत्व दक्षिणी एशिया के क्षेत्रों के मौसम में परिवर्तन का मुख्य कारण है। हिमालय पर्वत से भारत को कई प्रकार से लाभ होता हैं। सुरक्षा की बात करे तो हिमालय उत्तर में  स्थित देशो के आक्रमण से हमें सुरक्षा प्रदान करता है। 

इसके अलावा यहाँ से निकलने वाली नदी हमें जीवन देती है क्योकि जल ही जीवन है। हिमालय के विशाल आकर के कारण इसके निकट वाले क्षेत्र पर वर्षा अधिक होता है जिससे किसानो को फायदा होता है। 

हिमालय की गोद में बसा राज्य 

भारत के राज्य जम्मू और कश्मीर, सियाचिन, उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, असम, अरुणाचल आदि हिमालय के गोद में बसा हुआ है। 

हिमालय क्षेत्र को चार प्रमुख प्रादेशिक भागों में बाँटा गया है। यह विभाजन घाटियों के आधार पर किया गया है। हिमालय का प्रादेशिक विभाजन निम्नलिखित है। 

हिमालय पर्वतमाला, himalay parwat ki uchai, himalaya parvat ka nirman, himalaya parvat ka mahatva
हिमालय की गोद में बसा राज्य 
हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
कश्मीर हिमालय 
कमाऊ हिमालय 
नेपाल हिमालय 
असम हिमालय 


1 कश्मीर हिमालय - जिन्हें पंजाब हिमालय या पश्चिमी हिमालय भी कहा जाता है, हिमालय पर्वतमाला के चार विभाजनों में से एक है। सिंधु नदी से सतलुज नदी के बीच फैली लगभग 560  किलोमीटर लम्बी हिमालय श्रंखला को कश्मीर हिमालय कहा जाता है। इसके अंतर्गत कश्मीर, जम्मू तथा हिमाचल में स्थित इस पर्वत श्रंखला आते है। 

2 कमाऊ हिमालय - सतलुज नदी से काली नदी के बीच फैली लगभग 320 किलोमीटर लम्बी हिमालय श्रंखला को  कुमाऊँ हिमालय कहा जाता है। इसके अंतर्गत उत्तराखण्ड तथा हिमाचल प्रदेश में स्थित इस पर्वतमाला आता है। इसके पश्चिम में कश्मीर हिमालय स्थित हैं। कुमाऊँ हिमालय चारोंपर्वतमाला में सबसे छोटा है। यह अपनी झीलों तथा प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।

3 नेपाल हिमालय - काली नदी से तीस्ता नदी के बीच फैली लगभग 800 किलोमीटर लम्बी हिमालय श्रंखला को ही नेपाल हिमालय कहा जाता है। नेपाल, तिब्बत तथा सिक्किम में स्थित इस पर्वत श्रंखला तक इसका विस्तार फैला हुआ है। नेपाल हिमालय चारों विभाजनों में सबसे बड़ा है। पश्चिम में कुमाऊँ हिमालय स्थित हैं। 

4 असम हिमालय - भूटान की पूर्वी सीमा से लेकर पूर्व में त्संगपो नदी के बड़े मोड़ तक असम हिमालय का  विस्तृत है। "असम पर्वतमाला " नाम होने के बावजूद इसके पर्वत दक्षिणपूर्वी तिब्बत, उत्तरी असम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में फैले हुए हैं।

हिमालय पर्वतमाला, himalay parwat ki uchai, himalaya parvat ka nirman, himalaya parvat ka mahatva
असम हिमालय

हिमालय पर्वत से जुड़े तथ्य 

  • हिमालय पर्वत का क्षेत्रफल 595,000 km² है 
  • माउंट एवरेस्ट की उचाई 8848 मीटर है। 
  • माउंट एवेरेस्ट का नेपाली सागरमाथा है। 
  • एडमंड हिलेरी माउंट एवरेस्ट में सबसे जाने वाले व्यक्ति है। 
  • माउंट एवरेस्ट को संस्कृत में देवगिरि कहते है। 
  • हिमालय पर्वत भारत और चीन के बीच फैला है हिमालय  अधिकतर भाग नेपाल  क्षेत्र में आता है। 

Related Posts
Subscribe Our Newsletter