Cylender head types in hindi

      आपका स्वागत है आज में आपको बताने वाला हूँ engine के cylender head के बारे में आओ जानते हैं ये होता क्या है-

परिचय :-

इसका प्रयोग इंजन के सिलेंडर ब्लॉक में सिलेंडर को ऊपर से बन्द करने के लिए किया जाता है , इस सिलेंडर हैड में कम्बश्चन चैंम्बर बना होता है। जहां ईंधन जलता है जिन इंजनों में वाल्व सिलेंडर हैड फिट किया जाता है। ये ऊंचाई में ज्यादा होते हैं क्योकि इनमें वाल्व गाइड फिट किये जाते हैं। और ये कास्ट आयरन के बने होते हैं। परन्तु कुछ इंजनों में एल्युमिनियम एलॉय का प्रयोग किया जाता है। इसके प्रयोग से इसका भार कुछ कम हो जाता है। और इसे नट या बोल्ट के साथ जिसे स्टड कहा जाता है कसा जाता है।


इसकी मिलने वाली स्थान बहुत ही चिकनी रखनी पड़ती है क्योकि अगर ये चिकनी नहीं होती है तो इससे गैस या फ्यूल के लीकेज होने का खतरा बना रहता है। इसे खोलते व कसते समय बड़ी सतर्कता रखनी पड़ती है क्योकि जरा सी भी गड़बड़ी हुई तो फ्यूल या गैसे लिक होने लगती है। इसे खोलते व कसते समय किनारे से आमने सामने खोलना व कसना चाहिए। बीच के नट बोल्ट को सबसे अंत में खोलना चाहिए। अन्य प्रकार से खोलने व कसने से इंजन के सिलेंडर हैड का डेड होने का खतरा रहता है। सिलेंडर हैड वैसे तो जल्दी खराब नही होता है फिर भी अगर इंजन को ओवर हॉल किया जाये तो इसके सीधे पन की जांच कर लेनी चाहिए। यदी सिलेंडर हैड डेड हो तो उसे पुनः टाइट करनी चाहिए यह आवश्यक होता है। सिलेंडर हैड के नट बोल्ट को निश्चित सीमा तक टाइट करना चाहिए। इसके लिए टार्क रिंच का प्रयोग किया जाता है।

ये तो हुआ इसका सामान्य परिचय अब बाते करते हैं इसके प्रकार के बारे में :-

सिलेंडर की संख्या के आधार पर सिंगल सिलेंडर हैड तथा मल्टी सिलेंडर सिलेंडर हैड कई प्रकार के होते हैं। सिलेंडर हैड को निम्न प्रकार से समझा जा सकता है -
1. सिलेंडर की संख्या के आधार पर
2. फयुलिंग के आधार पर
3. वाल्व फिटिंग के आधार पर
4. कम्बश्चन चेम्बर के डिजाइन के आधार पर
5. स्पार्क प्लग की फिटिंग के आधार पर
एल्युमिनियम सिलेंडर हैड एलॉय के प्रयोग से क्या क्या लाभ होता है जानने की कोशिश करते हैं-
दोस्तों अगर इसका प्रयोग हम इन्जन के सिलेंडर निर्माण में करते हैं तो हमको निम्न लाभ होता है-
1. इस प्रकार के धातु के प्रयोग से ऊष्मा का स्थानांतरण तेजी से होता है।
2. इसके प्रयोग करने से कम्प्रेशन अनुपात बढ़ सकते हैं।
3. ये शीघ्र ही ठण्डे हो जाते है।
4. ये वजन में भी कम होता है।
5. इसके प्रयोग करने से अधिक शक्ति का उत्पादन होता है।
6. ईंधन की बचत होती है।
7. चूंकि ये बहुत जल्दी ठंडे हो जाते हैं इस कारण इसको ठंडा करने के लिए ज्यादा बड़े रेडियेटर कि आवश्यकता नहीं होती है।

दोष या हानि:-

1. ये मंहगे होते है।
2. कसते समय इसके टेढ़े होने का खतरा रहता है क्योकि ये मुलायम होता है।
3. इसका ऊष्मा विस्तार अधिक होता है जिस कारण इनके पिस्टन और सिलेंडर के मध्य अधिक क्लियरेंस रखा जाता है।
4. वाल्व तथा स्पार्क प्लग लगाने के लिए कास्ट आयरन में CTR लगाने की आवश्यकता पड़ती है।
5. स्टील के नट-बोल्ट लगाने से इन पर दबाव पड़ता है और सिलेंडर पर निशान पड जाते है।
   और अन्य  पोस्ट में पढ़े सिलेंडर की ओवर हॉलिंग कैसे करें इन हिन्दी में।   
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