cylender liner full detail in hindi

           cylender liner full detail in hindi

 को एक निश्चित सीमा तक ही बोर किया जाता है। क्योंकि अगर इसके अधिक माल काट कर निकाल लिया जाये तो सिलेंडर की दीवार पतली हो जाती है जिससे कम्प्रेसन या फायरिंग स्ट्रोक के समय कट जाने का खतरा बना रहता है। अतः ऐसे सिलेंडर में नए सिलेंडर लाइनर फीट किये जाते हैं। जो की दो प्रकार का होता है-


1. सूखे सिलेंडर लाइनर:-

    इस प्रकार के सिलेंडर लाइनर का प्रयोग री बोर प्रकार के घिसे हुए सिलेंडर लाइनर में फिट किये जाते हैं। इस प्रकार के लाइनर का प्रयोग किसी घिसे हुए सिलेंडर के ऊपर फिट करने के लिए किया जाता है आपको इसे फिट करने के लिए यह सावधनी बरतनी पड़ती है की ये सिलेंडर से चिपक कर लगे और इसमें थोड़ा सा भी गेप ना रहे आपको इस प्रकार के लाइनर फिट करते समय यह ध्यान रखना है की इसका सम्बन्ध वाटर जैकेट से ना हो तथा इस प्रकार के लाइनर का सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है। परन्तु इस प्रकार के लाइनर का सीधा सम्बन्ध वाटर जैकेट से सीधा नहीं रहता है। इस कारण ये पूर्णतया ठण्डे नही रह पाते हैं और इस कारण इसे सूखे सिलेंडर लाइनर कहा जाता है।

2. गीले सिलेंडर लाइनर :-

             इस प्रकार के लाइनर का उपयोग करने से पहले आपको पहले से लगे लाइनर को निकालना पड़ता है। इस प्रकार के लाइनर पूर्ण सिलेंडर बैरल का कार्य करता है। इस कारण से इसका सम्बन्ध वाटर जैकेट से हमेशा बना रहता है। इन लाइनरों के उपयोग के लिए ऊपर तथा नीचे की ओर पैकिंग रिंग लगाकर टाईट वाटर ज्वाइंट बनाना पड़ता है। इसके लिए ऊपर की ओर से ताँबे के गैस्केट से सील किया जाता है। तथा नीचे की ओर दो टाइट रबर का प्रयोग किया जाता है। जो की पानी को निकलने से रोकता है।

तो दोस्तों आपने जाना की सिलेंडर लाइनर का प्रयोग कैसे किया जाता आगे का पोस्ट cylender head के बारे में जानने के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।