प्लैनेरिया या ड़यूंजीसिया

                 प्लैनेरिया या डयूँजीसिया ( PLANARIA OR DUGESIA ) 

प्रकृति एवं वास 
( 1.) प्लैनेरिया स्वच्छ पानी के तालाबों, स्रोतों तक रूके हुए पानी एवं खारे पानी में पाये जाते हैं।
( 2.) अधिकतर ये पत्थरों के नीचे , पौधों के ऊपर तथा पत्तियों के नीचे नम स्थानों पर पाये जाते हैं।

वितरण (Distribution) 


( 1.) सामान्यतः यह गर्म देशों में पाया जाता है। विशेषकर यह भारत, यु.एस. ए. और यु.के. में पाया जाता है।

लक्षण ( Characters ) 

( 1.) इनके शरीर का आकार लम्बा एवं चपटा जिसका अग्र सिरा कोणीय या गोल तथा पश्च सिरा नुकीला होता है।
( 2.) इसके सिर के पाशर्व तरफ से थोड़ा या बहुत कोणीय प्रवर्धन निकला रहता है, जिन्हें ऑरीकल्स कहते हैं तथा रनगहीं भाग में एक जोड़ी आँखें पायी जाती है।
( 3.) मुख शरीर के केंद्र में स्थित होता है, जिसके पीछे एक जनन छिद्र पाया जाता है।
( 4.) शरीर का रंग काला या कत्थई होता है।
( 5.) इसमें बहुत से वृषण पाये जाते हैं, जो कि फैरिंक्स के पीछे तक फैले रहते हैं।
( 6.) कभी-कभी इनमें एसेसरी इन्टेस्टाइनल ट्रन्क्स भी पाये जाते हैं।
( 7.) इनकी ओवीडकट्स बुर्सा के वृन्त में प्रवेश करती है।
( 8.) इनका भोजन छोटे-छोटे क्रस्टेशियंस, स्नेल्स, जलीय कीट तथा अन्य छोटे-छोटे जन्तु होते हैं, ये कभी-कभी मरे हुए जन्तुओं को भी भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं।
( 9.) इनके अंदर पुनर्जनन की शक्ति पाई जाती है तथा प्रजनन खण्डन के द्वारा होता है।
(10.) अण्डे कोकून्स के अंदर दिए जाते हैं जो पत्थरों तथा पौधों से चपके रहते हैं।

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