Friday, October 26, 2018

सपने साकार होते हैं ?

हम सब सपने जरूर देखते हैं लेकिन क्या उसे साकार करने का। सोचते हैं आओ जाने सपने कैसे सकार होते हैं !

sapne sakar hote hai

चीन के एक शहर  सान्या में आयोजित विश्व सुंदरी प्रतियोगिता 2017 में भारत की मानुषी छिल्लर ने खिताब जीतकर यह साबित कर दिया की सपने जरूर साकार होते हैं। मानुषी छिल्लर ने बचपन में एक ख्वाब देखा विस्व सुंदरी बनने का और वे सपनों के साथ जीने लगी। मेहनत रंग लायी और मानुषी छिल्लर मात्र 20 वर्ष की आयु में विश्व सुंदरी का सपना साकार कर लिया और हकीकत में बदलकर अपना तथा भारत का नाम रौशन कर दिया। इससे यह साबित होता है की अगर कोई व्यक्ति यह ठान ले की जो मैंने सपने में देखा है उसे हकीकत में करना है तो निश्चय ही सफलता उसके कदम चूमती है।


दिनरात मेहनत करने के बाद भी अगर सफलता ना मिले तो उदास होना तो जायज बात है लेकिन आप इस तरह से उदास ना हो की उम्मीद की किरण ही गायब हो जाये मैं आपके समक्ष एक तथ्य रखने जा रहा हूँ।

मेरे ख्याल से आप सभी जानते होंगे की बिजली सम्बन्धी अनेक आविष्कारकों के जन्म दाता टामस एलवा एडिसन एक रोचक व्यक्तित्व के धनी थे एक बार की बात है जब वे अपने लैब मे प्रयोग कर रहे थे तो उनके चेहरे पर मुस्कान बिखर आई इस पर उनके सहायक ने पूछा की क्या समस्या का हल मिल गया ? सायद मिल गया। तो उन्होंने कहा नही भाई ये मेरा आखरी प्रयोग भी असफल रहा। अब में नए सिरे से सुकझाने में जुट सकता हूँ मुझे इस प्रयोग को और आगे बढ़ाना होगा , अपने को और ब्यस्त रख पाने के कारण मैं प्रशन्न हूँ।
इससे यह शिक्षा मिलती है की हम सिर्फ सपने ना देखे सपना को साकार करके देखे कितना मजा है सपने और हकीकत में मेरा उद्देश्य मात्र इतना है की आपके सपने अपने हों।


मैंने इस ब्लॉग को इस उद्देश्य से बनाया है की आप सभी प्रकार की गतिविधियों से अवगत रहे। वैश्विक परिदृश्य में जापन में शिन्जो आबे की वापसी हुई। आसियान शिखर सम्मेलन 2017 में भारत अपनी भूमिका का निर्वहन करने में सफलता पूर्वक सफल रहा है। विश्व खाद्य सम्मेलन 2017 में भारत ने वैश्विक निवेश को आकर्षित करने का साकारात्मक प्रयास किया हैं। द ईज ऑफ डूइंग बिजनेश रिपोर्ट के 15 वें संस्करण में भारत ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। आतित से कुछ बेहतर सीखने की दिशा में 19 वीं शताब्दी में हुए भारतीय पुनर्जागरण का अध्ययन एक सार्थक पहल है। इस ब्लॉग मे मैं आपको उन सारी चीजों को तो नही बता सकता लेकिन आप कुछ सपना देखे की मुझे भी कुछ करना है करके तो यह ब्लॉग आपके लिए उपयोगी हो सकता है।
इस आप तो जानते ही हैं की प्रतियोगिता कितनी बढ़ गयी इस दृष्टि से यह ब्लॉग बनाया गया है। आज इस ग्ला काट प्रतियोगिता में क्या पढ़ने से ज्यादा आवश्यक है क्या नहीं पढ़ना। गलत जानकारी आपको अपने सपने से दूर कर सकती है। इसलिये सही है की परीक्षा को द्यान में रखकर तैयारी की जाये।

इसके बावजूद सपने तभी पूरे होते है, जब सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत की जाये ,वरना सपने देखते देखते ही जिंदगी गुजर  जाती है। कोइ भी सपना पूरा नही होता।

                                                                    और अंत में............
                                                                     अमिताभ बच्चन की फिल्म में ये डायलॉग की.......
                                                      ''हौसला हो बुलन्द तो आंधियों मे भी चिराग जलते हैं''.........
                                                              
                                                                    

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