छत्तीसगढ़ में कितने विश्वविद्यालय है - how many universities are there in chhattisgarh

विश्वविद्यालय में सभी प्रकार की विद्याओं की उच्च कोटि की शिक्षा दी जाती हैं। लोगों को विद्या संबंधी उपाधियाँ भी प्रदान की जाती हैं। विश्वविद्यालय में कई महाविद्यालय जुड़े होते हैं। 

विश्व की सबसे प्रथम विश्वविद्यालय तक्षशिला हमारे देश में थी। इसे 700 इसा पूर्व स्थापित किया गया था। तक्षशिला विश्वविद्यालय में 10,500 से अधिक छात्र अध्ययन करते थे। यहां 60 से भी अधिक विषयों को पढ़ाया जाता था। 326 ईस्वी पूर्व यह संसार का सबसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय था।

छत्तीसगढ़ में कितने विश्वविद्यालय है - how many universities are there in chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में कितने विश्वविद्यालय है 

छत्तीसगढ़ में 13 शासकीय विश्विद्यालय है। जबकि 11 निजी विश्विद्यालय हैं। छत्तीसगढ़ की प्रथम विश्विद्यालय इंदिरा संगीत विश्वविद्यालय हैं। जो राजनांदगॉव जिले के खैरागढ़ में हैं।

1. इंदिरा संगीत विश्वविद्यालय

यह राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ में स्थित है। इसकी स्थापना 1956 में वीरेंद्र बहादुर ने किया था। राजा की बेटी इंदिरा को संगीत का बहुत सौक था। 

उसके मृत्यु के बाद राजा वीरेन्द बहादुर ने उसकी याद में संगीत विश्वविद्याला खोलने का निर्णय लिया। और 14 अक्टूबर 1956 को इंदिरा के नाम पर संगीत विश्वविद्यालय खोला गया।  

यह एशिया का एक मात्र संगीत विश्वविद्यालय है। यहाँ संगीत के अलावा नित्य पेंटिंग और कई प्रकार के वाद्य यंत्र की शिक्षा दी जाती है। इस विश्वविध्यलय में अन्य देशो से भी लोग शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते है। 

2. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 

यह रायपुर में स्थित है इसकी स्थापना सन 1964 में हुआ था। इसका नामकरण अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल ने नाम पर रखा गया है। 

पंडित रविशंकर विश्व विद्यालय के अंतर्गत रायपुर महासमुंद गरियाबंद बलौदाबाजार-भाटापारा धमतरी आदि जिले के कोलाज आते है। 

3.गुरु घासीदास विश्वविद्यालय 

गुरुघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर जिले में स्थित है। इसकी स्थापना सन 1983 में किया गया। यह छत्तीसगढ़ में सचालित एक मात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है। 

जनवरी 2009 में विश्वविद्यालय अधिनय में अंतर्गत इस विद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया। इस विश्ववद्यालय का नाम कारण छत्तीसगढ़ के संत गुरु घासीदास के नाम पर रखा गया है जिन्होंने समाज में स्थित बुराइयों को दूर करने के लिए कई संघर्ष किये है।

4. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय 

इसकी स्थापना रायपुर में सन 1987 को किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि पर शोध और कृषि ज्ञान को बढ़ाना है। इस विश्वविद्यालय का नामकरण पूर्व महिला प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर रखा गया है। यह छत्तीसगढ़ की एक मात्र कृषि विश्वविद्यालय है। इसके अंतरगत 31 महाविद्यालय आते है।

5. पं सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय 

पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय एक ओपन और राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय है, जो बिलासपुर, छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित है। यह दूरस्थ शिक्षा प्रदान करता है। जिसे बिलासपुर यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाता है।

इसका नाम छत्तीसगढ़ क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी सुंदरलाल शर्मा के नाम पर रखा गया है। डॉ। टीडी शर्मा इस विश्वविद्यालय में 2 मार्च, 2005 को पहले कुलपति का पद संभाल। जबकि डॉ। शरद कुमार वाजपेई रजिस्ट्रार के रूप में पद ग्रहण किए।

6. श्री कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय 

श्री कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय रायपुर शहर से 6 किमी दूर कठडीह गांव में स्थित है। यह खारुन नदी के किनारे सुरम्य प्राकृतिक वातावरण में 62 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। इसकी स्थापना 2005 में किया गया था। प्रशासनिक भवन, संकाय भवन, पुस्तकालय, मल्टी मीडिया सेंटर, लड़कियों और लड़कों के छात्रावास, विश्वविद्यालय परिसर के भीतर पानी की टंकी और बिजली सबस्टेशन आदि का निर्माण योजनाबद्ध तरीके से किया गया है।

विश्वविद्यालय का अपना अध्ययन केंद्र है। इन संकाय भवनों का नाम छत्तीसगढ़ के दो महान साहित्यकार और पत्रकार, 'माधवराव सप्रे संकाय भवन' और 'पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी संकाय भवन' के नाम पर रखा गया है। जहां मीडिया और पत्रकारिता शिक्षण से संबंधित कार्य होते है।

7. स्वामी विवेकानन्द तकनीकी  विश्वविद्यालय

स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा 21 जनवरी 2005 को भिलाई में किया गया था। विश्वविद्यालय में अनुसंधान, वास्तुकला और फार्मेसी सहित इंजीनियरिंग और तकनीकी विषयों में डिग्री और डिप्लोमा प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था।

वर्ष 2005 में अपनी स्थापना के बाद से विश्वविद्यालय राज्य और राष्ट्र की सेवा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए राष्ट्र के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक के रूप में उभरने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। इसका उद्घाटन 30 अप्रैल 2005 को भारत के माननीय प्रधान मंत्री डॉ मनमोहन सिंह द्वारा किया गया था। विश्वविद्यालय ने पूर्ण विकसित बुनियादी ढांचे के विकास की प्रतीक्षा किए बिना समाज के लाभ के लिए अनुसंधान और विकास कार्यक्रम करना शुरू कर दिया हैं।

8. मोहम्मद हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय

2003 में स्थापित, हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने डेढ़ दशक से अधिक की यात्रा पूरी की है। इतने कम समय में, HNLU ने पूरे भारत में कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में एक जगह बना ली है और दिन-ब-दिन नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। कानूनी विद्वान न्यायमूर्ति मोहम्मद हिदायतुल्ला के नाम पर, विश्वविद्यालय की स्थापना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रायपुर में की गई थी।

HNLU पूरे भारत में नेशनल लॉ स्कूलों की श्रृंखला में छठा स्थान है। HNLU को यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल किया गया है। 

9. शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर

शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर, जगदलपुर, छत्तीसगढ़ भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थानों में से एक है। बड़े पैमाने पर स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए समर्पित है। वर्तमान परिसर जगदलपुर शहर के धरमपुरा-2 क्षेत्र में स्थित है। जहाँ वन क्षेत्र है जो परिसर को एक प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करता है।

बस्तर विश्वविद्यालय में 14 अलग-अलग पाठ्यक्रम हैं। इस विश्वविद्यालय में लगभग 30 नियमित और गैर-शिक्षण अधिकारी और कर्मचारी हैं, जिसमे से 6 नियमित, 10 अनुबंध सहायक प्रोफेसर और लगभग 20 अतिथि व्याख्याता हैं। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में विश्वविद्यालय के शिक्षण विभाग के विभिन्न विद्यापीठों/विभागों में लगभग 600 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है।

10. सरगुजा विश्वविद्यालय

संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा, अंबिकापुर छत्तीसगढ़ में स्थित एक राज्य विश्वविद्यालय है। यह एक शिक्षण-सह-संबद्ध विश्वविद्यालय है जो 75 कॉलेज से संबद्ध है और इसमें 7 विभाग है। यह 2 सितंबर, 2008 को छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 2008 द्वारा स्थापित किया गया था। विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र पूरे सरगुजा डिवीजन तक फैला हुआ है जिसमें पांच राजस्व जिले शामिल हैं। कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर। विश्वविद्यालय की स्थापना सभी विषयों में ज्ञान के प्रसार के माध्यम से समाज की सेवा के लिए की गई थी।

11. आयुष चिकित्सा विश्वविद्यालय

छत्तीसगढ़ के लोगों के एक विश्वविद्यालय की स्थापना के लंबे समय से पोषित सपने को पूरा करने के लिए 10 फरवरी, 2001 को छत्तीसगढ़ विधानमंडल द्वारा आयुष और स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया गया था। 

विश्वविद्यालय ने 1 अप्रैल, 2001 से प्रो. गौरव गौतम के साथ पहले कुलपति के रूप में कार्य करना शुरू किया। विश्वविद्यालय का उद्घाटन माननीय कुलाधिपति द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय ने 2001 में एक सरकारी भवन में काम करना शुरू किया।

छत्तीसगढ़ में एक अलग चिकित्सा विश्वविद्यालय की आवश्यकता विशेष रूप से स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर पर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान से निपटने के लिए वर्षों से महसूस की जा रही थी और 1995 से राज्य सरकार के विचाराधीन थी। राज्य सरकार एक अलग चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना के सभी पहलुओं पर विचार करने और राज्य सरकार को उपयुक्त सिफारिशें करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की नियुक्ति की गयी थी।

12. अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में स्थित एक सार्वजनिक राज्य विश्वविद्यालय है। 2012 में स्थापित, यह एक शिक्षण-सह-संबद्ध विश्वविद्यालय है जो 164 कॉलेजों से संबद्ध है और इसमें 5 विभाग हैं। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार की अस्वीकृति के कारण विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों के पदों को नहीं भरा गया था। विश्वविद्यालय की स्थापना एक अधिनियम 2012  द्वारा की गई थी।

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय कई विषयों में स्नातक और परास्नातक के साथ-साथ विभिन्न डिप्लोमा और प्रमाणपत्र प्रदान करता है।

13. कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा दुर्ग

दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय की स्थापना छत्तीसगढ़ राज्य के महामहिम राज्यपाल द्वारा 11 अप्रैल 2012 को अंजोरा दुर्ग में किया गया था। छत्तीसगढ़ राज्य में स्थायी खाद्य सुरक्षा, गरीबी में कमी और आर्थिक विकास में पशुधन क्षेत्र का बढ़ा हुआ योगदान विश्वविद्यालय का सपना है।

विश्व विद्यालय का मिशन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके पशुधन, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन के सर्वांगीण विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण को अनुकूलित करना है, नवीन प्रौद्योगिकी उत्पादन के लिए गहन अनुसंधान और विकास और स्थायी उत्पादकता के लिए अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए प्रौद्योगिकियों के विस्तार को बढ़ाने और हासिल करना है।

छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालय निम्नलिखित है - 

    1. Maharishi University bilaspur
    2. aaft university raipur
    3. cv raman university kota bilaspur
    4. mats university raipur
    5. kalinga university naya raipur
    6. amity university raipur
    7. imt university raipur
    8. icfai university raipur
    9. isbm university chhura gariyaband
    10. op jindal university raigarh
    11. shri rawatpura sarkar university raipur

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