भारत के प्रसिद्ध मीनारों के नाम एवं परिचय

    भारत के प्रसिद्ध मीनार एवं उनकी संक्षिप्त जानकारियाँ
दोस्तों आज भारत की पहचान का मुख्य कारण यहाँ की प्रकृति और रहनसहन है। इन्ही के साथ साथ भारत में कई ऐसे स्थान हैं जहाँ की प्रसिद्धि पूरे भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। जैसे- आगरा का ताजमहल आज ताजमहल भले ही अम्ल वर्षा के कारण खतरे की स्थिति में है लेकिन इसको सात अजूबों में गीना जाता है। वैसे ही यहां पर बहुत सारे मीनार हैं जो की अपनी खुबशूरती एवं बनावट के कारण बहुत लोकप्रिय है।
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तो चलिए बात करते हैं भारत के मीनार के बारे में सबसे पहले मैं आपको जिस मीनार के बारे में बताने जा रहा हूँ उस मीनार का नाम है -
चार मीनार ,सागरसुली मीनार, कुतुबमीनार, शहीद मीनार
भारत के प्रसिद्ध मीनार

कुतुबमीनार

यह मीनार बहुत ही प्रसिद्ध है और यह भारत की राजधानी दिल्ली शहर के महरौली नामक गाँव में स्थित है। इसका निर्माण कार्य गुलाम वंश के संस्थापक कुतुबुद्दीन एबक ने 1206 ई. में प्रारम्भ करवाया था। प्रारम्भ में इसकी ऊंचाई 225 फीट और चार मंजिलें होनी थीं। ऐबक के समय एक मंजिल ही बन सकी। और बाँकी का निर्माण कार्य इल्तुतमिश के काल में पूरा किया गया। इसकी पहली मंजिल की ऊंचाई 65 फीट , दूसरी मंजिल 51 फीट , तीसरी 41 फीट , चौथी 26 फीट और पाँचवीं अतः आखरी मंजिल की ऊँचाई 25 फीट है। फिरोज तुगलक के शासन काल में चौथी मंजिल को क्षति पहुँची थी। उस समय इसमें दो मंजिलो का निर्माण करा दिया गया था। इस मीनार को यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया।

चार मीनार

अब भारत के ऐसे ही प्रसिद्ध मीनार जिसका नाम चार मीनार है उसके बारे में बात करते हैं यह चौकोन है तथा चार मीनार से मिलकर बना है इसलिये इसे चार मीनार कहते हैं। इस मीनार का निर्माण कुतुबशाही वंश के शासक मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने 1591 ई. में करवाया था। यह भारत के हैदराबाद में स्थित है। यह चार मिननरों के साथ एक विशाल और प्रभावशाली संरचना है। इसका आकार वर्गाकार है जिसका प्रत्येक साइड 20 मी लम्बी है, इसके प्रत्येक दिशा में एक दरवाजा है। इस्लामिक स्थापत्य शैली में निर्मित यह मीनार ग्रेनाइट, चुना पत्थर , मोर्टार तथा चूर्णित संगमरमर से बनी है।
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शहीद मीनार

दोस्तों शहीद मीनार कोलकाता में स्थित है। इसका निर्माण सर डेविड ऑक्टरलोनी ने करवाया इस मीनार का निर्माण वर्ष 1884 में नेपाल लड़ाई जीतने के उपलक्ष्य में करवाया था। इस मीनार को कुतुबमीनार के तर्ज पर बनाया गया है इस मीनार को ऑक्टरलोनी स्मारक के नाम से भी जाना जाता था। बाद में इसे नया नाम ' शहीद स्मारक ' दे दिया गया। इसकी ऊंचाई के बारे में बात करें तो यह 48 मीटर है। इस मीनार की बनावट बहुत बढ़िया है इसको तीन अलग अलग शैलियों में बनाया गया है, इसकी बनावट की तुलना मिश्र की शैली से की जाती है और यह उससे काफी मिलती जुलती भी है।

सरगासूली मीनार

यह मीनार जयपुर स्थित सरगासूली मीनार का निर्माण राजा ईश्वरी सिंह ने करवाया था इसका निर्माण वर्ष 1749 है इसका निर्माण इन्होंने अपने दुश्मनों पर जीत के बाद करवाया था। इसका नाम पहले ईसारलाट रखा गया था। इसके अधिक ऊंचाई के कारण यहां के स्थानीय लोगों ने इसका नाम '' सागरसूली '' रख दिया। इस मीनार के नक्शा का निर्माण राजा ईश्वरी सिंह के राज शिल्पी गणेश खोवान ने तैयार किया था। यह मीनार सात खण्डों से मिलकर बनी है। इसकी निर्माण शैली में राजपूत और मुगल शैली का सम्मिश्रण है।

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