Friday, October 26, 2018

जल का पारिस्थितिक तन्त्र

पृथ्वी में मुख्यतः जलीय { water } एवं स्थलीय { terrestrial } पारीस्थिक तन्त्र होते हैं। चुकी यहां पर मैं शिर्फ़ जलीय पारीस्थिक तन्त्र का वर्णन करने जा रहा हूँ जो इस प्रकार है।

जलीय पारिस्थितिक तन्त्र के प्रकार -

1. स्वच्छ जलीय पारिस्थितिक तन्त्र , 2. समुद्री जलीय परिस्थितिक तन्त्र,जबकि
स्थलीय। पारिस्थितिक तन्त्र चार प्रकार के होते हैं -
1. वन {forest}, 2. घास {grassland} 3. मरुस्थलीय { desert } 4. मानव निर्मित { man-made }
जलीय पारिस्थितिक तन्त्र { water ecosystem } -
जलीय पारिस्थितिक तन्त्र को समझाने के लिए यहां पर स्वच्छ जलीय पारिस्थितिक तन्त्र का उदारण के रूप में तालाब का पारिस्थितिक तन्त्र लिया गया है। जिसमें निम्नलिखित घटक पाये जाते हैं-

स्वच्छ जलीय पारिस्थितिक तन्त्र


1.अजैविक घटक{Abiotic components}-

तालाब के जल में कार्बन डाइऑक्साइड , ऑक्सीजन तथा अन्य गैसें व अकार्बनिक तत्व घुले रहते हैं। कुछ अजैविक घटक तालाब के निचले स्तर में पाये जाते हैं। सूर्य की ऊर्जा द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड ,जल तथा अजैविक घटकों की उपस्थिति में हरे जलीय पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन का निर्माण करते हैं, जो विभिन्न जिवो के लिए आवश्यक होता है। इन पौधो व जीवों की मृत्यु के पश्चात जलीय पदार्थ विघटित होकर अजैविक घतको के रूप में पुनः पानी में मिल जाता है और यह पारिस्थितिक तन्त्र बराबर चलता रहता है।

2. जैविक घटक { Biotic component }-

इसके अंतर्गत सभी जीव ,जैसे - उत्पादक { producers} , उपभोक्ता { Consummers } तथा अपघटनकर्ता {Decomposers} आते हैं, जिनका वर्णन निम्न प्रकार है-

1. उत्पादक {Produsers}-

तालाब के पारिस्थितिक तन्त्र के प्राथमिक उत्पादक जलीय पौधे होते हैं, ये अग्र लिखित कर्म में बनते हैं।

a. पादप प्लवक {phyto plankton}-
ये हरे रंग के तैरने वाले शैवाल हैं। ये अति सूक्ष्म होते हैं। तालाब के जल में प्रकाश की किरने जहां तक पहुंच पाती है वहां तक इनकी संख्या काफी अधिक होती है।
उदाहरण- माइक्रोसिस्टिस {Microcystis}, युग्लीना {Euglena}, वालवॉक्स {Volvoox}, ऐनाबीना {Anabaena}

b. रेशेदार शैवाल {Filamentous Algae}-

पानी में तैरते हुए तथा किनारों की ओर घना जाल बनाते हैं हुए तालाबों में पाये जाते हैं।
उदाहरण- ऊड़ोगोनियम {Oodogonium},स्पाइरोगाइरा {Spyrogyra},कारा {Cara}

c. निमग्न पादप {Submerged plants}-
ये पौधे जड़ों द्वारा तालाब की जमीन से लगे होते हैं।
उदाहरण-हाईड्रिला {Hyrila},वैलिसनेरिया {Vaillisneria}  

d. निर्गत पादप {emergent plants}- 
इस पादप की जड़ें पानी की जड़ें पानी के अंदर तथा शेष भाग  पानी के ऊपर निकला होता है। 
उदाहरण - रीड {Reed}

e. सतह पर तैरने वाले पादप {Surfece floating plants}-
ये पौधे पानी की सतह के ऊपर तैरते रहते हैं।
उदाहरण- पिस्टिया {Pistia}

2. उपभोक्ता {Consumers}-

तालाब में पाये जाने वाले विभिन्न प्राणियों का समूह उपभोक्ता होता है।

a. प्राथमिक उपभोक्ता {Primary consumer}-
यह पादपों को खाते हैं इन्हे अग्र वर्गों में बांटा जाता है-

{ i } प्राणी प्लवक {Zooplanktn}-
ये तालाब के अंदर लहरों के साथ तैरते रहते हैं।
उदाहरण- साइकलोप्स {Cyclops},डैफनीया {Dephnia},कोपीपोड {Copepods}और रोटिफर{Rotifer}

{ ii } तरणक {Naktones}-
ये अपने चलन अंग {Locomotory organs} की सहायता से तैरते हैं।

{ iii } नितलक {Benthos}-
तालाब के तल पर रहने वाले हैं।

b. द्वितीयक तथा तृतीयक उपभोक्ता {Secondry and tertiary consumers}-
ये शाकाहारी जलीय जन्तु का भक्षण करते हैं।
उदाहरण- मछली,मेढक,पानी का सांप।

c.  सर्वोच्च उपभोक्ता {Higher consumers}-
ये द्वितीयक तथा तृतीयक उपभोक्ता का भक्षण करते हैं।
उदाहरण- बड़ी मछली,बगुला,कछुआ।

3. अपघटक {Decomposers}-
जलीय पौधे तथा जन्तुओं के मरने के पश्चात अनेक सूक्ष्म जीवी {Microorganism} उनके कार्बनिक पदार्थों को साधारण तत्वों में बदल देते हैं। ये मुक्त तत्व पौधों के द्वारा उपयोग में पुनः ले लिये जाते हैं।

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