Friday, October 26, 2018

मैं और मेरे विचार

मैं और मेरे विचार

जिंदगी में आप जो पाना चाहते वो कोई नही जानता सिवाय आपके और जिंदगी आपसे क्या चाहता है आप खुद नही जानते इसलिए आपको जिंदगी के साथ ही जीवन बिताना है आपको ये जरूर महसूस होता होगा की आज मैंने ये काम किया तो अच्छा लगा लेकिन आपने कभी ये सोचा की आपके घरवाले आपसे क्या चाहते हैं, घर वालों की ख्वाहिस क्या है मैं आपसे बस इतना कहना चाहता हूँ की आप एक बार अपने घर वालों से बात करके देखें और बात को समझने की कोशिश करें।
क्या मायने रखते हैं घर वालों की ख्वाहिशें ?
जीवन में सबसे बड़ा कर्ज किसका है किसके भरोसे हम अपना जीवन जीते हैं से सब क्या है क्यों है इन सब सवालों के जवाब अगर ढूंढें तो हमें पता चलता है की जीवन में सबसे बड़ा कर्ज माँ पापा का है क्योकि हमारे जीवन में उन्हीं की कृपा है जो आज हम इतने सक्षम हो सके हैं की अपने जीवन की ख्वाहिशे खुद पूरी कर सकते हैं। यदि हम अपने आप को कमजोर माने तो कुछ नहीं कर सकते हैं ?
इसलिए मैं मानता हु की सबसे बड़ा कर्ज अपनो का है अपने माँ , पापा का है।
मैं ये मानता हूँ की यदि आप अपने मन की करना चाहे तो पर भी आप अपनी ख्वाहिशों को पूरा। नही कर सकते हैं, क्योंकि ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए माँ, पापा का आशीर्वाद होना जरूरी है।
जब तक हम पर माँ, पापा की कृपा नहीं होंगी तब तक हमें कोई सफलता नहीं मिल सकती है। ये मेरा मानना है। माँ बाप से बढ़कर और कोई कुछ नही है ,जो है बस उन्हीं की कृपा से है, जब आप सबसे ज्यादा नराज होते हो तो आपको मनाता कौन है और जब आपको पैसे की जरूरत होती है तो आपको देता कौन है। माँ और बाप ना तो फिर आज उनको ये दर्द क्यों है की मेरा बेटा इतना कमजोर कैसे हो गया, वो जीवन के इस सफर में अकेला कैसे हो गया, और अन्य की तरह वो क्यों आगे नहीं बड़ पा रहा है। मैं मानता हूँ की हमारी असफलता के पीछे हमारा ही हाथ होता है क्योंकि ये हम जानते हैं की माँ बाप हमारे लिए क्या मायने रखते हैं। क्योंकि दुनिया में सब दोबारा मिल सकता है लेकिन माँ और बाप आपको दोबारा नहीं मिलते हैं। इसलिए अगर आपको सफल होना है तो अपने माँ बाप की ख्वाहिशों को ध्यान में रख कर कार्य करो आपको सफलता अवश्य मिलेगी ये मैं नही कहता ये तो सब बड़े बड़े सन्त महात्मा भी कहते है इसलिये बडों की ख्वाहिशों को ध्यान में रखकर कार्य करें आशीर्वाद के साथ साथ सफलता भी अवश्य मिलेगी।
सफला के पीछे भागने से यदि सफला मिलती तो आज हर कोई सफल होने के लिए सफलता की तलास में होता और सफल हो गए होते।
लेकिन मैं ये मानता हूँ की सबसे बड़ी सफलता अपनों की खुशी के पीछे भागने में है ना की खुद की खुशी ढूंढने में जियों तो अपनों के लिए ये जीवन भी अपनों ने ही दिया है। सबसे बड़ा कर्ज धन का नही अपनों के प्यार का है अपनों के इस कर्ज को ब्याज के साथ वापस करना अपना धर्म है। इसलिये अपनों (माँ बाप ) की ख्वाहिशों का हमेशा ध्यान रखें और उसे पूरा करने की भरपूर कोशिश करें क्योंकि आपको इसमे जल्दी सफलता मिलेगी और आपको जिंदगी में कभी हारना नहीं पड़ेगा क्योंकि आपके साथ अपनों का प्यार और आशीर्वाद है।
आपको ये आर्टिकल कैसे लगी मुझे टिप्पणी करके बताएं। आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद। 

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