सागरमाला परियोजना

सागरमाला कार्यक्रम भारत के 7,500 किलोमीटर लंबी समुद्र तट, संभावित जलमार्गों के 14500 किमी और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर रणनीतिक स्थान के माध्यम से देश में बंदरगाह के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए शिपिंग मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम है।

सागरमाला परियोजना के लिए केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता सागरमाला परियोजना के तहत 3 नवम्बर 2017 को केंद्रीय शिपिंग मंत्रालय को ₹ 2302 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गयी है। शिपिंग मंत्रालय को यह राशि प्रदान करने की स्वीकृति नीति आयोग के व्यय विभाग ने दि है , जिसने परियोजना की निर्माण अवधि को 31 मार्च ,2020 तक के लिए बढ़ा दिया है।

सगर माला परियोजना के ' कोस्टल बर्थ स्कीम '  के तहत देश के 8 राज्यों-महाराष्ट्र , आंध्रप्रदेश ,गोवा ,कर्नाटक , केरल ,तमिलनाडु,गुजरात तथा पश्चिमबंगाल को शामिल किया गया है। स्वीकृत 47 परियोजनाओं में से 23 परियोजनाओं के लिए ₹ 1075.61 करोड़ की राशि का भुक्तान किया जा चुका है।

सागरमाला परियोजना का उदेश्य 

सागरमाला एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य भारत के समुद्र तट क्षेत्र और जलमार्ग से सम्बंधित परियोजना है। इसके तहत बंदरगाहों और समुद्री व्यापर को बढ़ावा देना है। सागरमाला का विज़न घरेलू और EXIM कार्गो के लिए अनुकूलित इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश के साथ लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को कम करना है। 

सागरमाला EXIM और घरेलू कार्गो के लिए रसद लागत को कम करने की आकांक्षा करता है, जिससे 35,000 से 40,000 करोड़ रुपये की कुल लागत बचत होती है। प्रति वर्ष। इसमें से कुछ प्रत्यक्ष लागत बचत होगी, जबकि अन्य सामान, विशेष रूप से कंटेनरों के परिवहन में समय के परिणामस्वरूप इन्वेंट्री-हैंडलिंग लागत से बचत हैं। 

कोस्टल बर्थ स्कीम के तहत राज्य सरकारों को कार्गों एवं परिवहन परिचालन के लिए वित्तीय सुविधा प्रदान की जाती है , जिसमें सागरीय जल मार्ग तथा राष्ट्रीय जलमार्ग को स्थान दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा इस स्कीम के लिए 50% की राशि दी जाती है। सागर माला परियोजना के लिए केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता प्रदान की गयी। नागालैंड ,अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह,दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव उदय योजना में शामिल किया गया।

अन्य परियोजनाएं 

1.11 नवम्बर 2017 को जैविक कृषि विस्व कुम्भ 2017 का आयोजन किया गया।

2. केंद्रीय महिला एवं बालविकास मंत्रालय द्वारा हौसला 2017 का आयोजन 16 से 20 नवम्बर के बीच किया गया।

3. राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम पुनर्संरचना को स्वीकृति 10 नवम्बर 2017 को दी गयी।

4. केंद्रीय कैबिनेट द्वारा 'राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी' की स्थापना को 10 नवम्बर 2017 को स्वीकृति मिली।

5. द्वीप विकास एजेंशि की दूसरी बैठक 8 नवम्बर 2017 को आयोजित की गयी।

6. कामकाजी महिलाओं के लिए ' शी-बॉक्स ऑनलाइन शिकायत प्रबन्धन प्रणाली ' की शुरुआत 7 नवम्बर 2017 को नई दिल्ली में की गई।

7. कोल इंडिया द्वारा ग्राहक सड़क कोयला वितरण एप्प को 7 नवम्बर 2017 को लॉन्च किया गया।

8. OHEPEE परियोजना हेतु भारत तथा विस्व बैंक के बीच 7 नवम्बर 2017 को ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किया गया।

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