Friday, October 26, 2018

छत्तीसगढ़ की जनजातियां

 मित्र आपका स्वागत करता हूँ मैं मेरे इस ब्लॉग जिसका नाम है atoz hindi me( www.rexgin.in ) पर आज मैं आपके साथ छत्तीसगढ़ की विभिन्न जातियों के बारे में बताने वाला हूँ, इससे पहले मैंने आपको छत्तीसगढ़ के अभ्यारण के बारे में बताया था।

छत्तीसगढ़ राज्य जनजाति बाहुल्य राज्य है जिसकी जनजाति निम्न प्रकार से है -

गोंड़ जनजाति -

छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक जनसंख्या इसी जनजाति की है। यह जनजाति राज्य के                         प्रायः सभी जिलों मे निवास करती है। इस जनजाति के लोग अपने कुल देवता,बनदेवी बूढ़ादेव,हनुमान,राम-सीता आदि की पूजा करते हैं। इनका प्रमुख लोकनृत्य करमा है।

बैगा जनजाति -

यह जनजाति मुख्य रूप से सरगुजा,बिलासपुर आदि जिलों में पाई जाती है। इस जनजाति के विकसित वर्ग को बिंझवार कहा जाता है। बिंझवार का बैगा जाती में उच्च स्थान है। इनके प्रमुख देवता बूढ़ादेव है।
इस जनजाति के लोग रायपुर,दुर्ग तथा कांकेर व बस्तर जिले में अत्यधिक पाये जाते हैं। हल्बा जाती के लोग कुशल किसान होते हैं। खेती एवं पशुपालन इनका प्रमुख व्यवसाय है।

उरांव जनजाति - 

उरांव जनजाति छत्तीसगढ़ के सरगुजा,रायगढ़,जशपुर जिले में अधिक पाये जाते हैं। उरांव जनजाति का प्रमुख व्यवसाय कृषि के साथ पशुपालन,मुर्गी पालन है। इनका मुख्य '' त्यौहार सरहुल '' इस जनजाति के लोग सफेद मुर्गे की बलि चढ़ाते हैं।

कँवर जनजाति -

यह जनजाति छत्तीगढ़ के बिलासपुर,कोरबा,सरगुजा,रायगढ़,रायपुर व धमतरी जिले में पाई जाती है। इन जनजातियों के लोग अपनी उत्पत्ति महाभारत काल से बताते हैं। कँवर जनजाति के लोग बड़े धार्मिक व सात्विक विचार के होते हैं।


मुड़िया जनजाति - 

यह जनजाति बस्तर जिला में पाई जाती है। इस जनजाति में '' घोटुल प्रथा '' प्रचलित हैं। इस जनजाति के प्रमुख लोग को या व्यक्ति को '' मांझी '' की उपाधि दी जाती है।

कमार जनजाति - 

यह जनजाति रायपुर जिले में पाये जाते हैं। छत्तीसगढ़ में इस जनजाति की संख्या कम है तथा बहुत पिछड़े हैं। इस जनजाति के लोग बांस से सूपा, मोरी,बिजना,झापी बनाकर बेचते हैं।

मारिया जनजाति - 

इस जनजाति को अबूझमाड़िया के नाम से भी जानते हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर सम्भाग में निवास करते हैं। ये प्राचीन वेशभूषा पहनते हैं।

भैना जनजाति -

भैना जनजाति बिलासपुर संभाग में पाये जाते है।

कोरवा जनजाति -

सरगुजा ,रायगढ़ ,जशपुर तथा कोरबा में निवास करते हैं।

सवरा जनजाति - 

यह जनजाति महासमुंद जिला में पाये जाते हैं।

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