Saturday, September 29, 2018

Types of File part two (रेती के प्रकार भाग 2)

साथियों मैं आपका फिर से एक बार स्वागत करता हूँ मेरे इस ब्लॉग पर मैंने आपको पिछले पोस्ट में बताया था की रेती क्या है और इसके दो प्रकार के वर्गीकरण के आधार पर प्रकार के बारे दोस्तों इसी कड़ी में मैं आपको आज बताने वाला हूँ इसी रेती के तीसरे और चौथे वर्गीकरण के आधार पर प्रकार के बारे में चुकी मैंने आपको सिर्फ पहले और दूसरे वर्गीकरण के प्रकार के आधार उसके प्रकार के बारे में बताया है। यदि आपने मेरा पिछला पोस्ट नही पढ़ा है तो पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।

What is file and there types hindi me.

(3.) ग्रेड के आधार पर फाइल का वर्गीकरण ( Classification According to Grade ) -
     ग्रेड किसी भी पदार्थ का मानक होता है जिस पदार्थ का ग्रेड अच्छा होता है वह पदार्थ उतना ही अच्छा होता है लेकिन यहां पर ग्रेड से तात्पर्य ये नहीं यहां पर ग्रेड से तात्पर्य ये है , फाइल पर बने दांतों के बीच जो दूरी होती है , उसी के आधार पर ग्रेड का निर्धारण होता है। फाइल के फेस पर प्रति इंच दांतों की संख्या निश्चित रहती है। जैसे जैसे इन फाइल के दांतों की संख्या में वृद्धि होती जाती है वैसे वैसे इनके बीच की दूरी कम होती जाती है। इसी के आधार पर इनके ग्रेड का निर्धारण किया जाता है।

कम दांतों वाली फाइल के द्वारा घिसी गयी वस्तु या जॉब की सतह उतनी चिकनी नहीं होती है जितनी की अधिक दांतों वाली सतह के द्वारा घिसी फाइल के द्वारा होता है। अतः दांतों की संख्या के आधार पर इनका वर्गीकरण इस प्रकार किया गया है -

(I.) रफ फाइल ( Rough File ) - 
       इस फाइल के नाम से ही पता चलता है की इसके द्वारा की गयी कटाई जो होती है वह अच्छी तरह साफ नहीं होती है और इस फाइल के द्वारा नर्म लोहे या नर्म पदार्थ की ही घिसाई की जाती है इस फाइल का उद्देश्य अनावश्यक धातु हटाना होता है। यह मोटी कटिन करता है इस कारण इसका प्रयोग आप किसी हार्ड धातु पर नहीं कर सकते है। इसके द्वारा की गयी फाइलिंग की सतः खुरदुरी होती है बाद में इसको और फिनिशिंग की आवश्यकता होती है।
(II.) बास्टर्ड फाइल ( Bastard file ) -
          इस फाइल में रफ फाइल की अपेछा अधिक दांतें कटे होते हैं अर्थात प्रति इंच दांतों की संख्या अधिक होती है। और इस कारण इसका प्रयोग किसी धातु को शीघ्र घीसने के लिए किया जाता है। 
(III.) सैकण्ड कट फाइल ( Second cut file ) -
         यह एक मध्यम ग्रेड की फाइल है इसका प्रयोग ज्यादातर फिटर व्यवसाय में होता है किसी चीज को घसने व फिनिशिंग के लिए इसके द्वारा प्राप्त सतह बास्टर्ड फाइल से प्राप्त सतह
से अधिक चिकनी होती है।
(IV.) स्मूथ फाइल ( Smooth File ) -
       इसके द्वारा किसी जॉब की सतह को शुद्ध माप के साथ घिसने के साथ साथ फिनिशिंग में भी इसका प्रयोग किया जाता है।
(V.) डैड स्मूथ फाइल ( Dead smooth file ) -
        समान्यतः फाइलिंग के लिए इस फाइल का उपयोग आप नहीं कर सकते हैं बल्कि इसका प्रयोग आप किसी जॉब में चमक लाने के लिए कर सकते हैं। इसके दांते बहुत अधिक पास पास होते हैं और प्रति इंच दांतों की संख्या बहुत अधिक होती है। इस कारण से ही ये बहुत कम मात्रा में धातु को काटता है इसीलिए इसका प्रयोग धातु की फिनिशिंग के लिए किया जाता है।

इस प्रकार से ग्रेड के आधार पर फाइल ( रेती ) का वर्गीकरण यहां पर समाप्त होता है और मैंने यहां पर सार्ट तरीके से इन फाइलों पर प्रति इंच दांतों की संख्या के बारे में भी बताने का प्रयास किया है। जो की इस प्रकार है-

1. रफ फाइल - 20 से 25 दांते प्रति इंच होती है।
2. बास्टर्ड फाइल   -    25 से 30 दांते प्रति इंच।
3. सैकण्ड कट फाइल   -    35 से 40 दांतें प्रति इंच।
4. स्मूथ फाइल   -     40 से 60 दांतें प्रति इंच।
5. डैड स्मूथ फाइल   -    80 से 100 दांते प्रति इंच होती है।

अब मैं आपको ले चलता हूँ फाइल के चौथे वर्गीकरण की ओर जहां पर इसका वर्गीकरण कट के आधार पर किया गया है।

(4.) कट के आधार पर फाइलों का वर्गीकरण -  

       फाइल की सतह पर कटे दांते अनेक आकार एवं प्रकार के होते हैं। इस आधार पर वर्गीकरण इस प्रकार होता है-





(I.) सिंगल कट फाइल ( Single cut file ) -
       इस प्रकार की फाइल में दांतें एक दूसरे के समानांतर कटे होते हैं। यह दांतें एकतरफा होते हैं जो की 60° के से 85° तक के कोण पर बनाये जाते हैं इस फाइल द्वारा बहुत कम मात्रा में धातु घिसती है तथा घिसावट अपेछाक्रित चिकनी होती है। इसलिए इसका प्रयोग हार्ड धातु की फिनिशिंग के लिए किया जाता है। 
ये जानकारी थोड़ी अधूरी है इसलिए आप मुझे क्षमा करें धन्यवाद।
         

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