चीजल कितने प्रकार की होती है - types of chisel in hindi

साथियों हम ये तो जान चुके हैं की कटिंग टूल्स क्या हैं और ये कितने प्रकार के होते हैं। लेकिन साथियों हमें कटिंग टूल्स के प्रकार के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। कटिंग टूल्स के प्रकारों में से एक प्रकार चीजल भी है जिसको मैं आपके सामने बता चुका हूँ अगर आपने वो पोस्ट नहीं पढ़ा है तो कृपया करके पढ़ लें तभी आपको ज्यादा समझ में आएगा।

चीजल के प्रकार और कटिंग कोण

Chapter 4.3
चीजल कितने प्रकार की होती है types of chisel in hindi
Types of Chisel in Hindi

चीजल के प्रकार 

अब मैं आपको चीजल के प्रकार के बारे में बताने जा रहा हूँ जो की निम्न प्रकार का होता है - छैनी/चीजल की काटने वाली धार तथा उसकी बनावट कई प्रकार की होती है।

इसके आधार पर इन्हें निम्नलिखित भागों में बांटा जाता है-

  1. फ्लैट चीजल
  2. क्रॉस कट चीजल
  3. साइड कट चीजल
  4. हॉफ राउण्ड चीजल
  5. डायमण्ड पाइंट चीजल

1. फ्लैट चीजल  FLAT CHISEL 

इस प्रकार की छैनी का प्रयोग तार, पतली चद्दरों तथा गोल छड़ों को काटने के लिए किया जाता है। इनके पाइंट का आकार V आकार का होता है। तथा चपटी होती है। जो की बीच से कुछ मुडी हुई होती है इसके उभरे हुए भाग के कारण कटिंग करते समय यह फंसती नहीं है इसी चीजल की सहायता से किसी पुराने रीवेट तथा जाम नट और बोल्ट को काटा जाता है।

2. क्रॉस कट चीजल  CROSS CUT CHISEL 

इस प्रकार के चीजल का प्रयोग मुख्य रूप से चौरस झिर्रियों तथा नलियों को बनाने के लिए किया जाता है। किसी शाफ्ट पर चाबी का खांचा बनाने के लिए इस चीजल का प्रयोग किया जाता है। इसकी काटने वाली धार 3 mm से 12 mm तक चौड़ी होती है। इस छैनी द्वारा झिर्री या खांचे काटते समय फंस ना जाये इसके लिए इसकी धार के पिछले भाग को पतला बनाया जाता है।

3. साइड कट चीजल  SIDE CUT CHISEL

इस प्रकार के चीजल का प्रयोग मुख्य रूप से ऐसे स्थानों पर किया जाता है जहां पर फ्लैट छैनी का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। इसकी सहायता से की वे तथा कोटर के मार्ग की सफाई की जाती है। यह फ्लैट चीजल के समान हीं होती है लेकिन इसका काटने वाला भाग एक ओर मुड़ा रहता है। इसे 90° के कोण पर मोड़कर इसमें फोर्ज कोण 25° तथा कटिंग एंगल सामान्यतः 60° का रखा जाता है।

4. हॉफ राउण्ड चीजल  HALF ROUND CHISEL

इस प्रकार की छैनी की धार गोलाकार होती है। इसका प्रयोग किसी बियरिंग में आयल ग्रु बनाने में किया जाता है। कोने की झिर्रियों को काटने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। इसमें फोर्जिंग कोण 30° से 45° होता है। किसी जॉब में ड्रिलिंग करते समय जब ड्रिल अपने स्थान से हट जाता है तो वहां पर बची धातु की सफाई भी छैनी के द्वारा किया जाता है।

5. डायमण्ड पॉइंट चीजल  DIAMOND POINT CHISEL

 इस प्रकार की छैनी का आकार चौकोर टेपर लिए होता है। इसकी धार बहुत नुकीली और हीरे के आकार की होती है। चौकोर भाग  के आधार पर ही इसकी माप निर्धारित की जाती है। इसके द्वारा चौकोन तथा तिकोनों को ठीक प्रकार से साफ किया जाता है। इससे जॉब में खांचे बनाये जा सकते हैं।

चीजल का कटिंग कोण  CUTTING ANGLE OF CHISEL 

छैनी के कटिंग एज को जितने कोण पर ग्राइंड किया जाता है वहीं उसका कटिंग एंगल कहलाता है। इस कटिंग एंगल का बहुत अधिक महत्व होता है। अलग अलग धातुओं के लिए अलग अलग कटिंग एंगल बनाये जाते हैं। कठोर धातु को काटने के लिए कटिंग एंगल अधिक रखा जाता है तथा नर्म धातु को काटने के लिए कम रखा जाता है।

अगले पोस्ट में मैंने रेती जिसे अंग्रेजी में ( FILE ) कहा जाता है। उसके बारे में बताया है ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।


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