स्क्राईबर मार्किंग टूल्स ( Skriber full detail ) और प्रकार - Diesel Mechanic

Chapter 3.4

मार्किंग टूल स्क्राईबर और प्रकार

दोस्तों आपका फिर से स्वागत है मेरे इस ब्लॉग पर पिछले पोस्ट में हमने पढ़ा था डीजल मैकेनिक कोर्स में प्रयोग किये जाने वाले चिह्न ( Marking ) टूल्स के प्रकार के बारे में आज मैं उन्हीं प्रकारों में से पहला प्रकार जिसे स्क्राईबर कहते हैं उसके बारे में पूरी जानकारी प्रस्तुत करने जा रहा हूँ जो की इस प्रकार आपके सामने प्रस्तुत है -
स्क्राईबर मार्किंग टूल्स ( Skriber full detail ) और प्रकार 

स्क्राईबर क्या है ( What is Skriber )

    धातु की सतह पर लाईन खीचने के लिए स्क्राईबर का प्रयोग किया जाता है , ये हाईकार्बन स्टील या टूल स्टील के बनाये जाते हैं। जिसे चिह्न कार्य के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके दोनों सिरे नुकीले बनाये जाते हैं। इसके सिरों को घिसकर 12° से 15° के कोण पर बनाया जाता है।




बनावट के आधार पर स्क्राईबर को चार प्रकारों में बांटा जा सकता है जो की इस प्रकार है-


Types of scriber in hindi


1. मुड़ा हुआ स्क्राईबर(curved scriber) -

             इस प्रकार के स्क्राईबर की बनावट इस प्रकार होती है की इसका एक सिरा मुड़ा हुआ और दूसरा सिरा सीधा होता है इसका जो सिरा मुड़ा हुआ होता है वह 90° के कोण पर मुडा हुआ होता है। दोनो सिरा नुकीला होता है और इसका सीधा सिरा प्रायः लाईन खीचने के काम आता है। जबकि इसका मुडा हुआ जो सिरा होता है वह जॉब के अंदरुनी भाग में चिह्न के लिए प्रयोग किया जाता है। जैसे की किसी पाईप के अंदर के कटे भाग का चिह्न करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। मुड़े हुए भाग के लिए सर्फेस गेज का भी प्रयोग किया जाता है। जैसे लेथ पर जॉब की सेटिंग के लिए।  


2. एडजस्टेबल स्क्राईबर(adjustable scriber)-

           इस प्रकार के स्क्राईबर का जैसे नाम से ही पता चलता है की इसकी लम्बाई और चौड़ाई को आवश्यकता के हिसाब से घटाया व बढ़ाया जा सकता है। इसके लम्बाई को एडजस्ट करने के लिए इसमें एक खोखली स्लिप लगी होती है। जिसके भाग में लर्निंग होती है जिसे मापते समय पढ़ने के लिए उपयोग किया जाता है। स्क्राईबर का तार स्लिप के अंदर कितना भी जा सकता है। एक नट की सहायता से उसे कहीं भी टाईट किया जा सकता है।


3. सीधा स्क्राईबर(straight scriber)-

            यह साधारण प्रकार का स्क्राईबर होता है जिसका एक सिरा नुकीला व सीधा होता है। बीच के भाग में लर्निंग स्क्रेच होता है। इसका उपयोग साधारण प्रकार की चिह्न के लिए किया जाता है।
नोट :-  इसके द्वारा जॉब की अन्दरूनी भाग में चिह्न नहीं किया जा सकता है। 


4. ऑफसेट स्क्राईबर(offset scriber)-

         इसका उपयोग बहुत से मापक यन्त्र के साथ किया जाता है। जैसे - वर्नियर टाईट गेज के साथ इसका प्रयोग किया जाता है।
इससे मापने व चिह्न का काम एक साथ हो जाता है।



अब यहां पर इसका प्रकार समाप्त होता है।  और इसी के साथ आपका बहुत बहुत धन्यवाद इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ने के लिए। 


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