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मार्किंग टूल क्या है - marking tools in Hindi

Chapter 3.1 - मार्किंग टूल

आज फिर मैं आप सभी का स्वागत करता हूँ। आज मैं फिर से आपके लिए लेकर आया हूँ डीजल मैकेनिक के लिए आवश्यक गैजेट के बारे में जिसे हम चिह्न औजार या मार्किंग औजार के नाम से जानते हैं। तो चलिए अब शुरू करता हूँ -

What is marking tools

किसी भी कार्य की उपयुक्त परीवृत्ति में चिह्न ( Marking ) की विशेष भूमिका होती है। मार्किंग को निर्देशक। मानकर उस दिशा में किये जाने वाले कार्य को चिह्न टूल कहलाते हैं। मैकेनिक डीजल कोर्स के लिए ये औजार महत्वपूर्ण हैं। सिम्पल से भाषा में कहें तो इसे हम चिन्ह बनाने के लिए प्रयोग किये जाने वाले औजार कह सकते हैं।

बाजार में उपलब्ध मूल कच्चे पदार्थ को उपयोगी वस्तु में बदलने के लिए उसको विभिन्न स्थानों पर कटिंग करके धातु को घटाया जाता है। धातु को हटाने से पहले बेसिक स्टॉप पर मार्किंग कर ली जाती है अर्थात चिन्ह लगा दिया जाता है। जिससे ये मालूम हो जाता है की किस भाग से कितना धातु हटाना है।

वस्तु की डिजाईन के आधार पर वस्तु में मार्किंग केंद्र बिंदु, बाउंड्रीलाईन आदि खींच लिया जाता है। इसी कार्य को चिह्न या मार्किंग कहा जाता है। चिह्न जितना अधिक यथार्थ होता है जॉब या वस्तु जिसको बनाना है अच्छा और यथार्थ होता है।

What purpose of the mark

चिह्न की आवश्यकता को देखते हुए इसका उद्देश्य निम्न है -
  1.  चिह्न से बार बार नापने की आवश्यकता नही होती है जिससे समय की बचत होती है।
  2.  चिह्न की रेखाएं कारीगर के लिए गाइड का काम करता है।
  3.  जॉब को अस्वीकृत होने से बचाया जा सकता है।
  4.  चिह्न की प्रक्रिया हो जाने से कब कौन सी प्रक्रिया से होकर गुजरना है इस बात का ध्यान हमेशा रहता है।

मार्किंग विधियां और उसके प्रकार के बारे में हम अगले पोस्ट में जानेंगे या फिर आप उसे इसी पोस्ट में दिए लिंक के माध्यम से उससे रीडायरेक्ट हो सकते है और उस तक पहुंच सकते हैं।


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