आपका फिर से स्वागत है मेरे इस ब्लॉग पर दोस्तों आज मैं आपको Internet से जुड़ी कुछ जानकारियों के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसे आप Internet  का परिचय भी कह सकते हैं। आज इंटरनेट का बुखार किसे नहीं है दोस्तों आज के विज्ञान के युग में हर कोई इंटरनेट से जुड़ा हुआ है और हर कोई इसका लाभ उठा रहा आपको इसके बारे में बहुत कुछ पता ही होगा। लेकिन मेरे इसे बताने का मकसद ये है की इसके बारे में हर किसी को पता होना जरूरी है। तो चलिए सुरु करता हूँ। 

Internet kya hai puri jankari hindi me


internet ka परिचय 

इंटरनेट एक प्रकार का नेटवर्क है जो की इस समय दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है और ये लगभग सभी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इंटरनेट से सभी नेटवर्क जुड़े हैं जिसके कारण ये एक बृहद जाल का निर्माण करता है। इस तरह ये ' नेटवर्कों ' का भी नेटवर्क है।

internet के लिए सहायक उपकरण -

दोस्तों आज हर कोई इंटरनेट का इस्तेमाल करता है, लेकिन जिसकी मदद से ये इंटरनेट का इस्तेमाल करता है उसे ही इसका सहायक उपकरण कहते है जो की इस उपरण के बिना सम्भव नहीं है। आज सबसे ज्यादा इंटरनेट का स्तेमाल मोबाइल फोन में होता है। इसके अलावा और भी बहुत सारे उपकरण है जिसमें इंटरनेट का जरूरत  होता है। इन उपकरणों को ही सहायक उपकरण कहा जाता है। इनमें से मैंने यहां पर वाई-फाई और भविष्य में आने वाले बहुत उपयोगी हो सकने वाले उपकरण वाई-मैक्स का कुछ परिचय या वर्णन किया है।

वाई-फाई -

आप ने कभी कम्प्यूटर सर्विस पर गए होने आपने वहां पर देखा होगा कोई एंटेना के समान एक उपकरण होता है जो की बेतार संचार प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए कम्प्यूटर से कनेक्ट होता है। ये एक छोटा सा उपकरण है। जो की इंटरनेट से सर्विस प्रदान करने के लिए या सर्विस देने के लिए आवश्यक होता है। इस वाई फाई को वायरलैस फिड़लिटी भी कहा जाता है। इस तकनीक का सपोर्ट लगभग सभी ऑपरेटिंग सिस्टम कर सकते हैं। पर्सनल कम्युटर के अलावा आज कल बहुत सारे उपकरण जैसे मोबाइल, MP3 प्लेयर ( पीडीए ), गेम, कोनसोल आदि उपकरण वाई फाई को सपोर्ट करते हैं एवम् जिसको इंटरनेट से कनेक्ट होने में पलभर का ही समय लगता है। इसके माध्यम से राउटर के बिना भी पियर टू पियर कनेक्टिविटी सम्भव हो जाती है। इस तकनीक का प्रयोग कर आप कम्प्यूटर से मोबाइल और मोबाइल से कम्प्यूटर को कनेक्ट कर सकते है और इसके साथ ही साथ आप किसी भी प्रकार के फाइल ट्रान्सफर भी कर सकते हैं। इस प्रकार यह एक बहुत ही उपयोगी उपकरण है। आप तो जानते ही है की हर वो चीज जो हमारी सहायता करती है साथ ही साथ हमारा नुक्सान भी करती है इस उपकरण की खराबी इस प्रकार से है।

वाइ फाई से क्या नुकसान होता है ?

वाइ फाई बहुत ही अच्छा उपकरण है लेकिन इसकी उपयोगिता के साथ साथ इसकी कई खराबियां भी हैं जिसके कारण यह आपके लिए बहुत ही नुकसान दायक हो सकता है।
वाई फाई तकनीक में सबसे बड़ी सबसे बड़ी समस्या यह है की वाई फाई हॉटस्पॉट में कोई भी व्यक्ति इंटरनेट से कनेक्ट हो सकता है एवं इसके इनक्रिप्टेड़ स्टैंडर्ड डब्ल्यूईपी को हैक कर नष्ट भी कर सकता है।

वाई मैक्स क्या है

वाई मैक्स भी वाई फाई की तरह एक नेटवर्क है। वाई मैक्स को वाई फाई का अगला चरण माना जा सकता है जिसके अंतर्गत बना विधुत चुम्बकीय क्षेत्र की किमी की परिधि में होता है। इसके प्रयोग से हॉट स्पॉट की संख्या में कमी आएगी एवं इसके फलस्वरूप इसके गुणवत्ता में वृद्धि होगी।

वाई मैक्स नेटवर्क की स्थापना किसने की है
'' डिशनेट वायरलैस '' नाम की एक भारतीय है जिसने चेन्नई में वाई-मैक्स नेटवर्क की स्थापना की है।

इंटरनेट सम्बन्धी घटक ( Components Related to internet ) -
इंटरनेट से सम्बंधित घटक निम्न है -
1. वेबसाइट
कोई वेबसाइट किसी नेट सर्वर पर एक ऐसी फाइल होती है, जो वेब के उपयोगकर्ता को उपलब्ध कराई जाती है। आपको ये तो पता ही होगा की प्रत्येक वेबसाइट के लिए अलग अलग पते का इस्तेमाल किया जाता है और ये सभी प्रकार के वेबसाईट के लिए अलग अलग होते हैं और इस पते का उपयोग उस फाइल तक पहुंचने के लिए किया जाता है। URL के बारे में तो आप जानते ही होंगे की ये क्या होता है दोस्तों अगर आप URL के बारे में नहीं जानते हो तो मैं बताता हूँ की इसका क्या अर्थ होता है दोस्तों URL का फूल फार्म Uniform Resource Locator होता है। उदाहरण के लिए अगर मेरे ही ब्लॉग के पता की बात करें तो ये इस प्रकार है- http://www.atozhindime.blogspot.com

2. वेब पेज
किसी वेबसाइट में बहुत सारे सूचनाये होते हैं जिसको विभिन्न प्रकार के खण्डों में बांट कर दिखाया जाता है। इस प्रकार के सभी खण्डों को ही वेब पेज कहते हैं। कोई वेब पेज किसी वेब डिजाइन करने वाली भाषा जैसे एचटीएमल ( HTML ) या जावा ( JAVA ) में तैयार किया गया दस्तावेज होता है। वेबसाइट के पहले या प्रमुख वेब पेज को उसका होम पेज कहा जाता है , किसी इंटरनेट उपभोक्ता के द्वारा जब कोई वेब पता सर्च किया जाता है तो सबसे पहले Home Page को ही प्रदर्शित किया जाता है।

3. वेब पोर्टल -
वेब पोर्टल इंटरनेट का वह भाग होता है जो की हमें किसी दूसरे वेबसाईट के पते पर रीडायरेक्ट करता है। इस प्रकार पोर्टल किसी वेबसाइट का वह भाग होता है जिस पर विभिन्न लिंक होते है और इन्ही लिंक के माध्यम से दूसरे वेबसाइट को खोला जा सकता है। इस प्रकार मैंने आपको यहां पर कुछ उदाहरण प्रस्तुत किया जो की एक वेब पोर्टल है -
जैसे- www.yahoo.com , www.iindiatimes , www.khoj.com , www.rediff.com आदि।

इंटरनेट पर क्या सेवाएं मिलती हैं -
  इंटरनेट आज बहुत ही रोचक तथ्य बनकर उभरा है और इसके साथ ही इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत ही बड़ गया है। दोस्तों हमें इंटरनेट से मिलने वाली सुवीधाओं के बारे में बात करें तो ये हमें ऐसे कई सारे सेवाएं प्रदान करता है जिसके चलते हमारी ये जिंदगी बहुत ही अधुरी महसूस होती है। आज इंटरनेट का प्रयोग ई-मेल के अलावा ब्लॉग , फोटो पब्लिशिंग और डाटा स्टोरेज के लिए किया जा रहा है। मीडिया के सभी रूपों जैसे की फोटो, वीडियो, ऑडियो और टैक्स्ट का इस्तमाल  इंटरनेट पर आसानी से प्रयोग किया जाने लगा है। ऑनलाइन वीडियो चैटिंग अब एक आम बात बन चुकी है।

आपके सामने इंटरनेट के माध्यम से जो की बिना इंटरनेट के सम्भव नहीं है इसके माध्यम से जो सर्विस हमें प्रदान की जाती है उसका जिक्र मैं आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ जो की इस प्रकार से है-

1. ई-मेल -
जिसका विस्तारित रूप इलेक्ट्रॉनिक मेल होता है और जिसे संक्षेप में ई-मेल कहा जाता है , यह इंटरनेट पर सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली सेवा मानी जाती है।
ई-मेल एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक सन्देश होता है , जो किसी नेटवर्क से जुड़े विभिन्न कम्प्यूटरों के बीच भेजा और प्राप्त किया जा सकता है।

   उपयोगिता - ई-मेल का उपयोग किसी सन्देश को भेजने के लिए और प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह इतना पावरफुल होता है की आदमी चाहे किसी दूसरे आदमी से लाखों किलोमीटर दूर हो या फिर मिलों दूर हो ये इंटरनेट के माध्यम से कोई भी सन्देश हो पहुंचाया जा सकता है।
ये एक प्रकार का सर्वर है जो की सन्देश को स्टोर करके रखता है।

2. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग -
दूरस्थ लोगों के बीच आवाज और वीडियो के माध्यम के माध्यम से परस्पर किये जाने वाले संवाद को ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कहा जाता हैं। इसके माध्यम से वर्चुअल मीटिंग सम्भव है।
विडीयो कॉन्फ्रेंसिंग को दो तरीकों से आयोजित किया जा सकता है जो की इस प्रकार है-
( i ) प्वॉइंट टू प्वॉइंट ( Point-to-Point ) यह दो अंतिम ( end ) प्वॉइंट्स के बीच होती है। 
( ii ) मल्टी प्वॉइंट ( Multi-Point ) यह दो या दो से अधिक पॉइंट के बीच होने वाला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग है जो की दो से अधिक लोग इससे इंटरेक्ट होते हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए क्या क्या आवश्यक होता है या इंटरनेट की सहायता से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कैसे सम्भव है -

( i ) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए मल्टीमीडिया किट युक्त एक कम्प्यूटर की आवश्यकता सबसे पहले होती है।
( ii ) माइक्रोफोन की आवश्यकता आपके आवाज को एक स्थान जहां से आप कनेक्ट हो रहे हो उस स्थान तक पहुंचाने के लिए इस उपकरण की आवश्यकता होती है।
( iii ) एक कैमरे की आवश्यकता जो वीडियो को कैप्चर कर सके और उसे आपके लोकल एंड प्वाइंट से भेजने में सक्षम हो इस प्रकार के कैमरे की आवश्यकता होती है।
( iv ) स्पीकर्स की आवश्यकता आपके दूसरे प्वाइंट से प्राप्त आवाज को प्ले करने के लिए होती है। जिसके बिना आप अवाज नहीं सुन सकते है।
( v ) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए आपको एक हाई स्पीड इंटरनेट की आवश्यकता होती है।
( vi ) वीडियो कॉलिंग के माध्यम से चैट करने के लिए आपको एक प्रकार के सॉफ्टवेयर कि आवश्कता होती है।

3. सर्च इंजन -
सर्च इंजन इंटरनेट का एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो कि आपको इंटरनेट के सर्वर पर किसी फाइल या सूचना को खोने या सर्च करने का ऑप्शन आपको उपलब्ध कराता है। अगर इसको दूसरे शब्दों में कहा जाये तो ये इस प्रकार से होगा ये ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो किसी विषय की सूचनाऍ रखने वाली वेबसाइटों का पता लगाते हैं।
आपको इंटरनेट पर कई सारे सर्च इंजन मिल जाते है जो की आपके सर्च ऑप्शन को बहुत आसान बनाते हैं। इस प्रकार मैंने यहां पर कुछ सर्च इंजन के बारे में बताया है जो की इस प्रकार है -

( i ) गूगल 
            यह सबसे बड़ा और सबसे अधिक लोकप्रिय सर्च इंजन है। इसका यु आर एल http://www.google.com/ है। इसमें आप विभिन्न प्रकार की सामग्री जैसे - वेबसाइट, चित्र,वीडियो आदि को खोज सकते हैं। इसमें आपको उन्नत सर्च के ऑप्शन भी मिलते है। जिसकी मदद से आप अपनी खोज को बहुत सीमा तक नियंत्रित कर सकते हैं।

ii ) याहू ( YAHOO ) - 
          यह भी बहुत लोकप्रिय सर्च इंजन है। यह मुख्यतः ड़ायरेक्टरियो के आधार पर सूचनाएं खोजता है। इसमें वेबसाइटों को अनेक श्रेणियों में सूचीबद्ध किया गया है। आपको किसी भी इशय के बारे में देखने के लिए उस सूची को सलेक्ट करके आपके मनपसन्द विषय को देखना होता है। इस याहू वेब साईट का युआरएल इस प्रकार है http://www.yahoo.com/ आप इस यु आर एल का प्रयोग करके आप इस पर जिस विषय के बारे में जानकारी चाहिए होता है उस विषय को यहां लिखकर भी सर्च कर सकते हैं। यह एक सर्च इंजन होने के साथ साथ एक वेब पोर्टल भी है।

iii ) लायकोस ( Lycos ) -
                       यह सर्च इंजन बहुत बड़ा है जिसका डाटा बेस बहुत विस्तृत है। इसमें विषयों के आधार पर सूचनाओं को खोजा जाता है। यह डायरेक्ट्री के आधार पर खोज करने वाला सर्च इंजन है। वैसे तो ये कोई वाक्यांस और प्रश्न के माध्यम से भी किसी वेबसाइट को खोज सकता है। इस सर्च इंजन का यूआरएल इस प्रकार है - http://lycos.com/ है।

iv ) वेब दुनिया ( Web duniya )  -
               यह हिन्दी शब्दों के आधार पर पहला वेब पोर्टल है ,जिस पर आप हिंदी में टाइपिंग करेक विभिन्न शब्दों के माध्यम से आप इस पर जानकारियों को ढूंढ सकते हैं। इस वेब दुनिया सर्च इंजन का यू आर एल इस प्रकार है - http://web duniya.com/

( v ) एक्साइट ( Excite ) -
          यह एक सर्च इंजन के साथ-साथ एक प्रमुख वेब पोर्टल भी है। इसमें सभी प्रकार की व्यक्तिगत रुचि के अनुसार सूचनाएं ; जैसे - पर्यटन के बारे में , खेल-कूद के बारे में , ई-मेल सेवा जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। इसका यू आर एल http://www.excite.com/ है।

vi ) हॉटबॉट ( Hotbot ) -
         यह एक प्रकार का ऐसा सर्च इंजन है जिसमें आप तीन भिन्न भिन्न तकनीकों के माध्यम से या सर्च इंजनों का उपयोग करके अपनी इच्छित सामग्री को खोज सकते हैं। इसका यू आर एल http://www.Hotbot.com/ है।

vii ) डॉगपाइल ( Dogpile )-
          यह भी एक अच्छा सर्च इंजन है जिसमें कई सर्च इंजनों का समावेश किया गया है। इसका उपयोग करके अपनी इच्छित सामग्री को खोज सकते है। इसका यू आर एल http://www.Dogpile.com/ है।

( viii ) अल्टाविस्ता ( Altavista.com ) -
           यह भी एक प्रमुख सर्च इंजन है। इसका विकास अमेरिका की डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन नामक कम्पनी द्वारा किया गया है। इसका उपयोग करके अपनी इच्छित सामग्री को खोज सकते हैं। इसका यू आर एल http://altavista.com है।

ix ) मम्मा ( Mamma ) -
             इस सर्च इंजन को सभी सर्च इंजनों की माँ कहा जाता है। इसकी खास बात ये है की जब आप इस पर कोई सामग्री खोजते हैं तो ये विभिन्न प्रकार की सर्च इंजनों से कनेक्ट होकर उन जानकारियों की मिलान आपके द्वारा दर्ज किये गए की वर्ड से करता है तो जो जानकारी सबसे ज्यादा जिस वेबसाइट से मिलती है उससे आपको ये जानकारियां उपलब्ध कराता है। मेरा मतलब ये है की ये सभी वेबसाईट से प्राप्त परिणामो को कम्पाइल करके आपको सर्वश्रेष्ट परिणाम प्रदान करता है। इसलिए इसे मेटा-सर्च इंजन ( Meta-search Engine ) भी कहा जाता है। इसका अपना कोई डाटा बेस नहीं होता। इसका यूआरएल http://www.mamma.com/ है।

( x ) वायरस ( Virus ) -
         वायरस का नाम आपने तो सुना ही होगा लेकिन आप जो सोच रहें हैं ये उससे अलग वायरस है और ये वायरस कम्प्यूटर से सम्बंधित वायरस है। इस प्रकार के वायरस अपने आप कम्प्यूटर में आ जाने वाले प्रोग्राम कोड होते हैं, जो की बाहरी स्रोत द्वारा तैयार किया जाता है। ' वायरस ' शब्द का प्रयोग सन् 1972 में सर्वप्रथम डेविड गेरॉल्डस ने अपने उपन्यास ' When HARLIE was one ' में किया था। परन्तु पहला कम्प्यूटर वायरस ' Elk cloner ' था जो ' इन द वाइल्ड ' ने प्रकट किया था।

            यह कम्प्यूटर वायरस एप्पल डॉस 3.3 ऑपरेटिंग सिस्टम में फ्लॉपी डिस्क के माध्यम से फैलता था। वास्तव में ये कम्प्यूटर वायरस आपके कम्प्यूटर में तबाही ला देने वाला प्रोग्राम है। जो बाकी फाइलों और ऑपरेटिंग सिस्टम में उपस्थित सूचनाओं को बिना आपकी जानकारी अथवा चेतावनी के नुकसान पहुंचाता है।
आपको मैं कुछ कम्प्यूटर वायरस का नाम बताना चाहूँगा जो की इस प्रकार है-
Creeper, Elk cloner, The morris Internet worm, Melissa, I Love You, Code Red, Nimada, SQL Slammer, Blastu, Sasser कुछ प्रसिद्ध कम्प्यूटर वायरस हैं।

वर्तमान समय में अनेक एण्टी-वायरस प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनमें सर्वाधिक उपयोग Noton anti-virus प्रोग्राम का किया जाता है।

कुछ नवीनतम कम्प्यूटर एंटीवायरस सॉफ्टवेयर के नाम इस प्रकार है-
( i ) Trend Micro Anti Virus
( ii ) Anti Spyware 2010
( iii ) Panda Security Anti Virus Pro 2010
( iv ) Symantec Notron Anti Virus 2010
( v ) Kaspersky Anti Virus 2010
( vi ) MCAfee Anti virus plus 2010

xi ) हैकर ( Hacker ) - 
       सामान्य प्रयोग में , हैकर एक ऐसा व्यक्ति होता है , जो सामान्यतः प्रशासकीय नियंत्रणों तक अभिगम प्राप्त करके कम्प्यूटर के सुरक्षा घेरे को तोड़ता है।

xii ) सायबर अपराध- 
        यह एक वाक्यांश है जिसका प्रयोग या उपयोग आतंकवादी गतिविधियों में इंटरनेट आधारित हमलों का वर्णन करने के लिए किया जाता है, जिसमें सामिल है कम्प्यूटर वायरस जैसे साधनों के माध्यम से कम्प्यूटर नेटवर्क में जानबूझकर, बड़े पैमाने पर किया गया व्यवधान, विशेष रूप से इंटरनेट से जुड़े निजी कम्प्यूटर में।
सायबर अपराध को किसी भी कम्प्यूटर अपराध के रूप में और अधिक सामान्य तरीके से परिभाषित किया जा सकता है , जो असली दुनिया के बुनियादी ढांचें, सम्पत्ति जीवन को अनिवार्य रूप से क्षति पहुंचाए बिना कम्प्यूटर नेटवर्क को लक्षित करता है।
आज इंटरनेट का इस्तमाल सबसे ज्यादा भारत में सोशल नेटवर्क पर हो रहा है जिसके चलते मैंने यहाँ पर इसके बारे में कुछ जानकारी आपसे शेयर किया है जो की इस प्रकार है -

सोशल नेटवर्किंग साइट्स
* फेसबुक अंतरजाल पर स्थित एक निःशुल्क सामाजिक नेटवर्किंग सेवा है , जिसके माध्यम से इसके सदस्य अपने मित्रों , परिवार और परिचितों के साथ सम्पर्क रख सकते हैं।
* ट्विटर एक मुफ़्त सामाजिक सञ्जाल व सूक्ष्म ब्लॉगिंग सेवा है, जो अपने उपयोगकर्ताओं को अपनी अद्धतन जानकारियां , जिन्हें ट्वीट कहते हैं, एक-दूसरे को भेजने और पढ़ने की सुविधा प्रदान करता है।

        दोस्तों आपको ये जानकारी कैसे लगी मुझसे कमेंट के माध्यम से शेयर करें।
धन्यवाद्!