Types of Punches Tool Part One ( Marking Tool Punch ) in hindi - Diesel Mechanic

हैलो दोस्तों पिछले पोस्ट में मैंने आपको बताया था मार्किंग टूल्स के पहले प्रकार स्क्राईबर के बारे में आज मैं मार्किंग टूल्स के दूसरे प्रकार पंच के बारे में बताने वाला हूँ जो की इस प्रकार है 

Chapter 3.5

मार्किंग टूल पंच भाग 1

पंच के प्रकार के बारे में जानने से पहले मैं आपको पंच क्या है ? उसके बारे में बता दूँ-


पंच क्या है? What is a Punch ?

पंच एक प्रकार का औजार है जो की किसी जॉब पर पंचिंग के लिए उपयोग किया जाता है।


पंचिंग क्या है ? (What is punching)

स्थाई रूप से चिह्न के लिए प्रयोग किया जाने वाला एक औजार है जिसका उपयोग हैमर के द्वारा ठोक कर किया जाता है तथा यह बहुत ज्यादा आवश्यक होता किसी भी प्रकार के ऐसे काम के लिए जिसमें जॉब को बार बार छूना पड़ता है और उसे एक स्थान से दूसरे स्थान घसीट कर ले जाना होता है इसके लिए अतः इसका प्रयोग करके छोटे छोटे खांचे बना दिए जाते हैं। जो की तभी मिट सकता है जब उसे मिटाया जाए अन्यथा यह कभी नहीं मिटता है।






स्क्राईबर से खींचे गए लाईन मिट जाते हैं या फिर मिट जाने का खतरा होता हैं क्योकि ये अस्थाई होते हैं और उतने ज्यादा दृढ़ता से जॉब पर नहीं टिक पाते हैं।  इस कारण जॉब में स्क्राईबर के द्वारा खींची गयी लाईन को स्थाई बनाने के लिए पंच का उपयोग किया जाता है,


तथा पंच की सहायता से स्क्राईबर के द्वारा खींची गयी लाईन से 2.5MM की दूरी पर बिंदुओं के माध्यम से चिह्न किया जाता है। और इस क्रिया को पंचिंग कहते हैं।

  • स्क्राईबर क्या है? डीजल मैकेनिक कोर्स में इसका उपयोग। 
  • मार्किंग टूल्स क्या है?
  • मार्किंग विधियां और उसके प्रकार
पंच किस पदार्थ का बना होता है और उसकी आकृति किस प्रकार होती है ?

पंच साधारणतः हाई कार्बन स्टील के बनाए जाते हैं। इसके तीन भाग होते हैं। जहां पर हैंमर से चोट किया जाता है उस भाग को फ्लैट कहते है और इसका जिस भाग का उपयोग बिंदु बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है उस भाग को पाईंट कहते है।


यह नुकीला एवं हार्ड व टेम्पर किया होता है। बीच के भाग को बॉडी कहते हैं। यह भाग लर्निंग किया हुआ बेलनाकार या षठभुजाकार होता है।
इस प्राकार से दोस्तों आपको बता दूँ इनकी बनावट तथा कार्य के आधार पर नौ प्रकार का होता है:-

Types of Punches Tool



  1.  डॉट पंच ( Dot Punch )
  2.  सेंटर पंच ( Centre Punch )
  3.  प्रिक पंच ( Prick Punch )
  4.  पिन पंच ( Pin Punch )
  5.  ड्रिफ्ट पंच ( Drift Punch )
  6.  बैल पंच ( Bail Punch )
  7.  ऑटोमैटिक पंच ( Automatic Punch )
  8.  सॉलिड पंच ( Solid Punch )
  9. हॉलो पंच ( Hollow Punch )

इस प्रकार से पंच को नौ प्रकारों में बांटा गया है। अब मैं आपको इसको एक एक करके बताने जा रहा हूँ आप इसे ध्यान से पढ़ें और समझने का प्रयास करें।


(1.) डॉट पंच (Dot Punch) -

         यह पंच कास्ट स्टील की बनाई जाती है तथा इसके प्वाइंट को 60° के कोण पर रखा जाता है। इसका एंगिल कम होने से बिन्दू गहरे तथा कम व्यास के बनते हैं। इसका उपयोग स्थायी चिह्न करने के लिए विटनेस मार्क लगाने के लिए किया जाता है या कभी-कभी वृत्त का केंद्र लगाने के लिए किया जाता है। ऐसी ही एक डॉट पंच का चित्र ( IMG ) मैंने इस ब्लॉग में दिया है।


(2.) सेन्टर पंच (Centre Punch) -

              यह पंच डॉट पंच से बड़ा होता है। इसके पॉइंट का कोण 90° रखा जाता है जिससे ड्रिल प्वाइंट आसानी से पंच द्वारा लगाये गए सेंटर में बैठ सके। इस पंच का उपयोग सुराखों ( HOLES ) के केंद्रों ( CENTRES ) को लोकेट ( LOCATE ) करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग चौड़ा केंद्र बनाने के लिए किया जाता है।


3. प्रिक पंच (PRIK PUNCH) -

      इस प्रकार का पंच का उपयोग जॉब की सतह पर कर्व खींचने के लिए किया जाता है और इस पन्च का उपयोग डिवाइडर के केंद्र बनाने के लिए किया जाता है। इस पंच का प्रयोग शॉफ्ट मेटल में किया जाता है। जैसे - पीतल , ताँबा तथा एल्युमिनियम आदि।
इस पंच का कोण 30° का होता है। इसके पाईंट का कोण बहुत कम होने से डिवाईडर की नोक को बहुत यथार्थ ( Accurate ) स्थिति प्राप्त होती है।


4. पिन पंच (PIN PUNCH) -

         इस पंच का प्रयोग चिह्न के लिए नहीं किया जाता है बल्कि जॉब में फंसी हुई डॉबेल पिन ( DOWEL PIN ) या टेपर पिन ( TAPPER PIN ) को निकालने के लिए किया जाता है। इस पंच की नोक नहीं होती बल्कि उसके स्थान पर एक बेलनाकार पिन होती है, जिसकी लम्बाई जॉब की आवश्यकता को पूरा करती है।





             यहां पर सभी प्रकार के पंच का डील कर पाना सम्भव नहीं है। इसलिए आप निचे दिए गए लिंक का प्रयोग करके सभी अन्य पंच के बारे में जान सकते हैं।


पंच भाग दो यहाँ पढ़ें ( READ HERE PUNCH PART TWO ) । 

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